लखनऊ

शकुन्तला विश्वविद्यालय में बोलती हैं किताबें, टॉकिंग बुक स्टूडियो में 3500 से अधिक ऑडियोबुक

Talking Book Studio: लखनऊ के डॉ. शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में टॉकिंग बुक स्टूडियो स्थापित है, जहां 3500 से अधिक ऑडियोबुक उपलब्ध हैं और जरूरत पड़ने पर किसी भी पुस्तक को ऑडियोबुक में बदला जाता है।
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Mar 14, 2026
शकुन्तला विश्वविद्यालय में बोलती हैं किताबें: टॉकिंग बुक स्टूडियो में 3500 से अधिक ऑडियोबुक, सुन सकेंगे ‘सुधा और चंदर’ की प्रेम कहानी (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)
शकुन्तला विश्वविद्यालय में बोलती हैं किताबें: टॉकिंग बुक स्टूडियो में 3500 से अधिक ऑडियोबुक, सुन सकेंगे ‘सुधा और चंदर’ की प्रेम कहानी (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)

Talking Book Studio Shakuntala Mishra University: तकनीक के बढ़ते दौर में शिक्षा के नए आयाम भी लगातार सामने आ रहे हैं। इसी कड़ी में डॉ. शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों के लिए एक अनूठी पहल की है, जहां किताबें केवल पढ़ी ही नहीं जाती, बल्कि उन्हें सुना भी जा सकता है। विश्वविद्यालय के स्वामी विवेकानंद केंद्रीय पुस्तकालय में स्थापित टॉकिंग बुक स्टूडियो विद्यार्थियों के लिए ज्ञान और साहित्य को सुनने का सशक्त माध्यम बन गया है। यहां किसी भी पुस्तक को आवश्यकता के अनुसार ऑडियोबुक में परिवर्तित कर विद्यार्थियों को उपलब्ध कराया जाता है।

इस स्टूडियो की मदद से विद्यार्थी अब प्रसिद्ध साहित्यिक कृतियों के साथ-साथ पाठ्यक्रम से जुड़ी किताबों को भी सुनकर पढ़ाई कर सकते हैं। विशेष रूप से दृष्टिबाधित और दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए यह सुविधा बेहद उपयोगी साबित हो रही है। ऑडियोबुक के माध्यम से वे साहित्य, पाठ्यक्रम और प्रतियोगी परीक्षाओं की सामग्री को आसानी से समझ और आत्मसात कर पा रहे हैं।

‘गुनाहों का देवता’ की प्रेम कहानी भी सुन सकेंगे विद्यार्थी

टॉकिंग बुक स्टूडियो में विद्यार्थियों को हिंदी साहित्य की चर्चित कृतियों को सुनने का अवसर मिल रहा है। यहां धर्मवीर भारती के प्रसिद्ध उपन्यास ‘गुनाहों का देवता’ की भावनात्मक प्रेम कहानी भी ऑडियोबुक के रूप में उपलब्ध है। इस उपन्यास के पात्र सुधा और चंदर की त्याग, प्रेम और पीड़ा से भरी कहानी विद्यार्थियों को गहराई से प्रभावित करती है। अब इस कहानी को पढ़ने के साथ-साथ सुनने का भी अनुभव प्राप्त किया जा सकता है।

इसके अलावा हिंदी साहित्य के महान लेखक मुंशी प्रेमचंद के लोकप्रिय उपन्यास गोदान, निर्मला, रंगभूमि और सेवा सदन भी ऑडियोबुक के रूप में उपलब्ध हैं। इन कृतियों के माध्यम से विद्यार्थी भारतीय समाज, संस्कृति और मानवीय संवेदनाओं को सुनकर समझ सकते हैं।

3500 से अधिक ऑडियोबुक का संग्रह

स्वामी विवेकानंद केंद्रीय पुस्तकालय के प्रभारी प्रो. यशवंत वीरोदय ने बताया कि टॉकिंग बुक स्टूडियो में इस समय 3500 से अधिक ऑडियोबुक उपलब्ध हैं। इन ऑडियो पुस्तकों में पाठ्यक्रम से संबंधित सामग्री के साथ-साथ साहित्यिक कृतियां, नाटक, कहानियां और उपन्यास भी शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि इस स्टूडियो का मुख्य उद्देश्य ऐसे विद्यार्थियों को मदद देना है जो दृष्टिबाधित हैं या किसी कारण से सामान्य तरीके से किताबें पढ़ने में कठिनाई महसूस करते हैं। ऑडियोबुक के माध्यम से वे आसानी से पाठ्य सामग्री को सुनकर पढ़ाई कर सकते हैं।

जरूरत पड़ने पर किताब को बनाया जाता है ऑडियोबुक

प्रो. वीरोदय के अनुसार यदि किसी विद्यार्थी को कोई विशेष पुस्तक ऑडियो रूप में चाहिए और वह स्टूडियो में उपलब्ध नहीं है, तो उसे भी उपलब्ध कराया जा सकता है। इसके लिए विद्यार्थी को केवल वह पुस्तक उपलब्ध करानी होती है।

इसके बाद स्टूडियो में मौजूद विशेष सॉफ्टवेयर और रिकॉर्डिंग तकनीक की मदद से उस पुस्तक को ऑडियोबुक में परिवर्तित कर दिया जाता है। इस प्रक्रिया के बाद विद्यार्थी उस पुस्तक को सुनकर पढ़ सकते हैं। इससे पढ़ाई अधिक सरल और सुविधाजनक हो जाती है।

समावेशी शिक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य संजय सिंह ने इस पहल को शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। उन्होंने कहा कि टॉकिंग बुक स्टूडियो का उद्देश्य शिक्षा को अधिक समावेशी बनाना है, ताकि हर विद्यार्थी को समान अवसर मिल सके।

उन्होंने कहा,“टॉकिंग बुक स्टूडियो शिक्षा को समावेशी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। विशेष रूप से दृष्टिबाधित और दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए यह सुविधा ज्ञान तक उनकी आसान पहुँच सुनिश्चित करती है। हमारा प्रयास है कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से हर विद्यार्थी को समान अवसर मिले और वे बिना किसी बाधा के शिक्षा प्राप्त कर सकें।”

पाठ्यक्रम से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं तक की सामग्री

टॉकिंग बुक स्टूडियो में केवल साहित्यिक कृतियां ही नहीं, बल्कि विभिन्न पाठ्यक्रमों और प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित सामग्री भी उपलब्ध कराई जा रही है। इससे विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी मदद मिलती है।

  • उच्च शिक्षा के 54 पाठ्यक्रमों की पुस्तकों के ऑडियो संस्करण
  • कक्षा 6 से 12वीं तक की एनसीईआरटी की पुस्तकें
  • नाटक, कहानियां और उपन्यास
  • यूजीसी नेट, एसएससी, यूपी टीईटी, सीटेट और ट्रिपल सी जैसी परीक्षाओं की तैयारी सामग्री
  • पर्यावरण से संबंधित अध्ययन सामग्री
  • इंग्लिश स्पीकिंग कोर्स के ऑडियो कार्यक्रम
  • इन सभी सामग्री को इस तरह तैयार किया गया है कि विद्यार्थी आसानी से सुनकर विषय को समझ सकें।

कई विषयों के पाठ्यक्रम भी उपलब्ध

स्टूडियो में विभिन्न विषयों के पाठ्यक्रमों की बड़ी संख्या में ऑडियो पुस्तकें भी उपलब्ध हैं। इनमें इतिहास, राजनीति विज्ञान, शिक्षा, हिंदी, सामाजिक कार्य और प्रबंधन जैसे विषय शामिल हैं। पुस्तकालय में उपलब्ध ऑडियो पुस्तकों में इतिहास (बीए व एमए) की 76 पुस्तकें,एमएसडब्ल्यू की 18 पुस्तकें,मैनेजमेंट की 23 पुस्तकें,राजनीति विज्ञान की 53 पुस्तकें,एजुकेशन की 90 पुस्तकें,हिंदी की 63 पुस्तकें के अलावा अन्य विभागों के पाठ्यक्रमों की भी ऑडियो बुक उपलब्ध हैं।

विद्यार्थियों के लिए नई सीख का माध्यम

टॉकिंग बुक स्टूडियो विद्यार्थियों के लिए सीखने का एक नया और रोचक माध्यम बनता जा रहा है। कई विद्यार्थी अब पढ़ाई के साथ-साथ यात्रा करते समय या खाली समय में भी ऑडियो बुक सुनकर अपने विषयों की तैयारी कर रहे हैं।

दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए यह सुविधा विशेष रूप से लाभदायक है, क्योंकि उन्हें पहले पाठ्य सामग्री प्राप्त करने में कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। अब ऑडियो बुक के माध्यम से वे आसानी से पढ़ाई कर सकते हैं और अन्य विद्यार्थियों की तरह प्रतिस्पर्धा में भाग ले सकते हैं।

लगातार बढ़ रहा ऑडियोबुक का दायरा

प्रो. यशवंत वीरोदय ने बताया कि विश्वविद्यालय में टॉकिंग बुक स्टूडियो के माध्यम से लगातार नई पुस्तकों की रिकॉर्डिंग की जा रही है। आने वाले समय में ऑडियोबुक की संख्या और अधिक बढ़ाई जाएगी, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थियों को इसका लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शिक्षा तक पहुँच में किसी भी प्रकार की बाधा न रहे और सभी विद्यार्थियों को समान अवसर प्राप्त हों।

Updated on:
14 Mar 2026 10:36 am
Published on:
14 Mar 2026 10:36 am
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