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HPCL Plant Murder Case: बदायूं HPCL प्लांट हत्याकांड के बाद एसपी बृजेश कुमार सिंह हटाए गए, लखनऊ भेजे गए

Badaun Murder Case: बदायूं में एचपीसीएल प्लांट हत्याकांड के बाद यूपी सरकार ने एसपी बृजेश कुमार सिंह को हटा दिया है। उन्हें लखनऊ में एसपी लॉजिस्टिक्स के पद पर नई तैनाती दी गई है।

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लखनऊ

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Ritesh Singh

Mar 14, 2026

बदायूं HPCL प्लांट हत्याकांड के बाद एसपी बृजेश कुमार सिंह हटाए गए, लखनऊ में एसपी लॉजिस्टिक्स बनाए गए (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)

बदायूं HPCL प्लांट हत्याकांड के बाद एसपी बृजेश कुमार सिंह हटाए गए, लखनऊ में एसपी लॉजिस्टिक्स बनाए गए (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)

HPCL Plant Massacre: उत्तर प्रदेश सरकार ने बदायूं जिले में हुए चर्चित एचपीसीएल (HPCL) प्लांट हत्याकांड के बाद बड़ा प्रशासनिक निर्णय लेते हुए जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) बृजेश कुमार सिंह को उनके पद से हटा दिया है। सरकार ने उन्हें लखनऊ में एसपी लॉजिस्टिक्स के पद पर तैनात कर दिया है। इस फैसले को हाल ही में सामने आए हत्याकांड के बाद प्रशासनिक जवाबदेही से जोड़कर देखा जा रहा है।

सरकार के इस निर्णय के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि बदायूं में हुई इस घटना के बाद कानून-व्यवस्था को लेकर उठे सवालों के चलते यह कार्रवाई की गई है। प्रशासन का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई आवश्यक थी।

हत्याकांड के बाद बढ़ा दबाव

बदायूं में स्थित एचपीसीएल प्लांट के पास हुए हत्याकांड ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी। घटना के बाद स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे। मामले को लेकर प्रदेश स्तर तक चर्चा होने लगी थी और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी बहस शुरू हो गई थी। इसी के बाद शासन स्तर पर मामले की समीक्षा की गई और पुलिस प्रशासन की भूमिका का आकलन किया गया। इसके बाद सरकार ने बदायूं के एसपी बृजेश कुमार सिंह को तत्काल प्रभाव से हटाने का निर्णय लिया।

लखनऊ में दी गई नई जिम्मेदारी

सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार बृजेश कुमार सिंह को लखनऊ में एसपी लॉजिस्टिक्स के पद पर तैनात किया गया है। पुलिस विभाग में यह पद महत्वपूर्ण माना जाता है, जहां पुलिस बल से संबंधित संसाधनों और व्यवस्थाओं का समन्वय किया जाता है। हालांकि बदायूं से उनका हटाया जाना प्रशासनिक दृष्टि से एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इस निर्णय के बाद अब जिले में नए पुलिस अधीक्षक की तैनाती की तैयारी भी शुरू हो गई है।

घटना ने बढ़ाई थी कानून-व्यवस्था की चिंता

बदायूं में हुए इस हत्याकांड ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी थी। घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश भी देखने को मिला था। पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर कई संदिग्धों से पूछताछ की थी और आरोपियों की तलाश के लिए टीमों का गठन किया गया था। प्रशासन का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच को तेज किया गया है और दोषियों को जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।

पुलिस विभाग में लगातार हो रहे बदलाव

उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए सरकार समय-समय पर प्रशासनिक फेरबदल करती रहती है। अधिकारियों के तबादले और नई तैनाती के जरिए पुलिस व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास किया जाता है।

सूत्रों का मानना है कि किसी बड़ी घटना के बाद जिम्मेदारी तय करना और प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई करना शासन की प्राथमिकताओं में शामिल होता है। इससे यह संदेश भी जाता है कि कानून-व्यवस्था के मामलों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

नए एसपी की नियुक्ति पर नजर

बदायूं में एसपी के पद से बृजेश कुमार सिंह के हटने के बाद अब नए पुलिस अधीक्षक की नियुक्ति को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि जल्द ही शासन द्वारा नए अधिकारी को जिले की कमान सौंपी जाएगी। नए एसपी के सामने जिले में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने और हत्याकांड जैसे मामलों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की बड़ी चुनौती होगी।

सरकार का सख्त संदेश

सूत्रों के अनुसार इस कार्रवाई को शासन की सख्त नीति के रूप में भी देखा जा रहा है। सरकार यह संदेश देना चाहती है कि किसी भी गंभीर आपराधिक घटना को हल्के में नहीं लिया जाएगा और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। प्रदेश में हाल के समय में कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार विशेष रूप से सतर्क दिखाई दे रही है। इसी के तहत विभिन्न जिलों में समय-समय पर पुलिस अधिकारियों के तबादले और नई तैनातियां की जा रही हैं।

जनता को न्याय दिलाने का भरोसा

प्रशासन का कहना है कि बदायूं हत्याकांड की जांच पूरी गंभीरता से की जा रही है और दोषियों को कानून के अनुसार सख्त सजा दिलाई जाएगी। पुलिस की टीमें लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई हैं। सरकार का दावा है कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था बनाए रखना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी घटना के बाद त्वरित कार्रवाई की जाती है, ताकि आम जनता का भरोसा बना रहे।