Happy Holi 2022 कभी कभी तो रंगों की वजह से त्वचा का इतना बुरा हाल हो जाता है कि, लम्बे समय के इलाज के बाद दोबारा त्वचा अपनी रंगत में आती है। तो होली के समय रंगों से त्वचा न खराब हो इसलिए घर पर तैयार उबटन का प्रयोग करें। यह आपकी त्वचा को कैमिकल रंगों से बचाएंगी। तो ये सात घरेलू टिप्स अपनाएं।

Happy Holi होली खूब जमकर खेलें। और अगर संभव हो तो प्राकृतिक या हर्बल रंगों से होली का आनन्द उठाएं। आजकल होली के अवसर पर कैमिकलयुक्त रंगों का चलन बढ़ गया है। जिस वजह से त्वचा के खराब होने की आशंका बनी रहती है। कभी कभी तो रंगों की वजह से त्वचा का इतना बुरा हाल हो जाता है कि, लम्बे समय के इलाज के बाद दोबारा त्वचा अपनी रंगत में आती है। तो उबटन का चलन सौंदर्य को निखारने में प्राचीन काल से होता आया है। होली के समय रंगों से त्वचा न खराब हो इसलिए घर पर तैयार उबटन का प्रयोग करें। यह आपकी त्वचा को कैमिकल रंगों से बचाएंगी। तो ये सात घरेलू टिप्स अपनाएं।
आयुर्वेद विशेषज्ञ डा. दीनानाथ श्रीवास्तव बताते हैं कि, घर पर तैयार ये सात उबटन आपकी त्वचा की रक्षा करेगा। एक और अहम बात यह है कि, होली खेलने से पहले अगर त्वचा पर सरसों का तेल लगा लें तो खराब होली के रंगों का त्वचा पर कम प्रभाव पड़ता है।
1. बेसन, नींबू व दूध का उबटन बनाएं और लगाएं। और 20 मिनट बाद गुनगुने पानी से धो लें।
2. सूखें संतरे का छिलका, मसूर दाल को पीसकर दूध में मिलाकर पेस्ट बनाएं। और लगाएं। फिर 20 मिनट बाद धो लें। फायदा मिलेगा।
3. बेसन में थोड़ी सी हल्दी, दही मिलाएं। इस लेप को लगाये फिर करीब आधे घंटे बाद चेहरा धो लें।
4. जौ के आटे में दूध, नींबू का रस, शहद और हल्दी मिलाकर लगाने से चेहरे का रंग साफ हो जाता है।
5. जौ का आटा और बादाम का तेल मिलाकर त्वचा को साफ करें।
6. चंदन पाउडर, हल्दी, दूध से तैयार लेप त्वचा को चिकना, कोमल, आभायुक्त बनाता है।
7. पके पपीते का गूदे का पेस्ट पूरे चेहरे पर मलें तथा 15 मिनट पश्चात चेहरे को धो लें।
पलाश फूल के रंगों से खेलें होली
होली पर्व में टेसू (पलाश) फूल के रंगों से होली खेलें तो बहुत फायदेमंद होता है। इसके प्रयोग से चर्म रोग नहीं होते हैं। पलाश फूल अनेक चर्म रोगों तथा मूत्र विकारों में अत्यन्त लाभकारी हैं। चंदन, हल्दी से बने लेप मस्तक व चेहरे पर लगाने से मस्तक ठंडा व चेहरे में निखार लाने में लाभप्रद हैं।