
UP News : अंडे खाने के शौकीन लोगों व इसकी बिक्री करने वाले व्यवसाइयों के लिए जरूरी खबर है। अंडे की गुणवत्ता को बरकरार रखने व एक्सपायरी डेट निकलने से पहले इसकी बिक्री की जिम्मेदारी व्यवसायियों की है। एक्सपायरी डेट निकलने के बाद इसे खाने से लोग परेशानी में पड़ सकते हैं। अंडा खाने के शौकीन लोगों के लिए नाश्ते में अंडे से बने व्यंजनों को काफी पसंद किया जाता है। ये लोग घर से लेकर बाजार तक अंडे से बने चीजों को बड़े चाव से खाते हैं।
लेकिन कम ही लोग होंगे जिनको ये पता होगा कि अंडे भी खराब होते हैं। बता दें कि अंडे का भी समय निर्धारित किया गया है। एक समय के बाद अंडे भी खराब होने लगते हैं। ऐसे में अंडे की एक्सपायरी डेट के समाप्त होने पर भी उसका सेवन किया जाता है तो आपकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है।
अंडा बिक्री के लिए प्रदेश सरकार ने ये बनाया है नियम
खराब अंडे से होने वाले नुकसान को देखते हुए शासन द्वारा इसकी बिक्री सहित अन्य पहलुओं को लेकर नियम जारी किया गया है। प्रदेश सरकार ने जारी आदेश में कहा है कि विक्रेता अंडे की गुणवत्ता बनाए रखने को अंडे की ट्रे पर स्टीकर, उत्पादन तिथि, पिन कोड अनिवार्य रूप से अंकित करें। उत्पादन तिथि के तीन दिन के अंदर अंडों की बिक्री कर दें। बाहर से जिन वाहनों में अंडे मंगवाएं, उसमें और व्यवसायी अपने गोदाम व दुकान में भी कोल्डचेन की व्यवस्था करें।
खराब अंडे खाने से फूड प्वाइजनिंग का खतरा ज्यादा
गोरखपुर सदर अस्पताल के फिजीशियन डॉ. बीके सुमन ने बताया कि गर्मी के मौसम में चार से पांच दिन बाद अंडे खराब होने लगते हैं। ऐसे में जो लोग इसका सेवन करते हैं, उनकी आंतों में सूजन, उल्टी, दस्त, पेट में दर्द और फूड प्वाइजनिंग की आशंका बढ़ जाती है, इसलिए लोगों को ताजा अंडे का ही सेवन करना चाहिए।
अंडे की गुणवत्ता को ऐसे रख सकते हैं बरकरार
गर्मी में अंडे की गुणवत्ता बरकरार रखने के लिए निर्धारित मानकों का पालन किया जा रहा है। साथ ही कोल्डचेन के लिए स्टोर रूम में एसी की व्यवस्था होने से अंडे को करीब सात से आठ दिन तक रखा जा सकता है।
क्या कहते हैं नोडल अधिकारी
गोरखपुर के नोडल अधिकारी डॉ. अतुल यादव ने बताया कि गोरखपुर में अंडा लेयर फार्म मालिकों को स्टीकर लगाने व उत्पादन तिथि अंकित करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। व्यवसायियों को कहा जा रहा है कि बाहर से अंडा मंगवाते समय कोल्डचेन की व्यवस्था करें और तीन दिन के अंदर उनकी बिक्री हर हाल में कर दें। जांच के दौरान लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।