
Lucknow News : लखनऊ में फिलहाल बड़ी परियोजनाओं वाले कई बिल्डर प्लॉट नहीं बेच सकेंगे। सर्वेक्षण के दौरान इन बिल्डरों का घपला सामने आने के कारण यह रोक लगी है। किसी ने पांच बीघा जमीन दिखाई और पंजीकरण कराने के बाद 200 बीघा पर प्लॉटिंग शुरू कर दी।
किसी ने 10 बीघा जमीन दिखाई और पंजीकरण के बाद 60 बीघा पर फार्महाउस बना डाले। कुछ समय पूर्व जिला पंचायत के सर्वेक्षण में 100 से अधिक बिल्डर पकड़ में आए थे। कोई बिना नक्शा पास कराए प्लॉटिंग कर रहा था. तो कोई कम क्षेत्रफल का नक्शा पास कराने के बाद बड़े रकबे पर टाउनशिप बसा रहा था।
सर्वेक्षण में मानकों की अनदेखी का खुलासा होने पर सभी को नोटिस भेजा गया। इसमें जिला पंचायत ने कहा कि बिल्डरों को पहले मानक पूरे करने होंगे। इसके बाद प्लॉट बेच सकेंगे।
जिला पंचायत की ओर से नोटिस भेजने के बाद करीब 15 बिल्डर सामने आए। इन लोगों ने कुल धनराशि का 20 फीसदी शुल्क नक्शा पास कराने के लिए जमा कर दिया है। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी प्रवण पाण्डेय ने बताया कि नोटिस जाने के बाद एक करोड़ 15 लाख 22 हजार रुपये के करीब शुल्क जमा हो चुका है। इसके बावजूद जब तक मानक पूरे नहीं हो जाते, तब तक प्लॉट, फार्म हाउस आदि की बिक्री नहीं कर सकेंगे।
इन बिल्डरों ने जमा किया शुल्क
जिन डेढ़ दर्जन बिल्डरों ने शुल्क जमा किया उनमें हाउसस्टोन बिल्डटेक बीकेटी, पद्मजा इंफ्राबिल्ड कनकहा मोहनलालगंज शामिल हैं। इनके अलावा पद्मजा इंफ्राबिल्ड रायमानखेड़ा, वेस्टर्न इन्फ्राटैक लखपेड़ा गोसाईंगंज, मातृभूमि, साईं इंटरप्राइजेस जौखंडी गोसाईंगंज, धरा इन्फ्रा जमालपुर मोहनलालगंज, वसुंधरा, फुहार इंफ्रावेंचन मीनापुर, रुद्रा साईं मोहनलालगंज, त्रिपोली मॉन्टेसरी स्कूल गोसाईंगंज, सिलीकॉन वैली गोसाईंगंज के नाम भी शामिल हैं।
Updated on:
25 Apr 2023, 3:12 PM IST
Published on:
25 Apr 2023, 3:12 PM IST
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