भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल जी की हालत पर बात करते हुए लालजी टंडन की आंखों में आंसू भर आये...
लखनऊ. भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की खड़ाऊं लेकर 2009 का लोकसभा चुनाव जीतकर संसद पहुंचने वाले लालजी टंडन को पू्र्व प्रधानमंत्री का सबसे करीबी माना जाता है। अटल जी की हालत पर बात करते हुए लालजी टंडन की आंखों में आंसू भर आये। उन्होंने कहा कि सभी देशवासियों की तरह वह भी अटल जी के खराब स्वास्थ्य पर चिंतित हैं और सभी की तरह उनके स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।
एक वाकये को याद करते हुए लालजी टंडन ने बताया कि राम मंदिर आंदोलन के दौरान अटल बिहारी वाजपेयी लखनऊ से सांसद थे। वह राजधानी के मीराबाई रोड स्थित एक गेस्ट हाउस में ठहरे थे। अचानक तत्कालीन डीएम आये और बताया कि अमौसी एयरपोर्ट पर विमान हाईजैक कर लिया गया है। हाईजैकर्स के हाथ में बम है और वह प्लेन उड़ाने की धमकी दे रहा है। साथ ही उसका कहना है कि अगर अटल बिहारी वाजपेयी आ जायें तो वह सभी यात्रियों को छोड़ देगा। अटल जी ने डीएम की बात सुनते ही खाना छोड़ दिया और तत्काल हाईजैकर से मिलने चल दिये।
अटल की खड़ाऊं लेकर जीता चुनाव
पुरानी यादों को शेयर करते हुए लालजी टंडन ने बताया कि अटल बिहारी वाजपेयी के सन्यास लेने के बाद जब 2009 में लोकसभा चुनाव के लिये उन्हें लखनऊ से टिकट मिला। वह सबसे पहले अटल जी से मिले और फिर चुनाव प्रचार में जुट गये। उन्होंने कहा कि जनता के बीच मैंने यही प्रचार किया था कि मैं अटल जी की खड़ाऊं लेकर आया हूं। उस चुनाव में उन्हें लालजी टंडन को जीत हासिल हुई थी।
अटल जी का लखनऊ से गहरा नाता
भावुक होते हुए लालजी टंडन ने कहा कि अटल जी का लखनऊ से गहरा नाता रहा है। उनका व्यक्तित्व पूरे देशवासियों के लिये प्रेरणा स्रोत है। 'छोटे मन से कोई बड़ा नहीं होता, टूटे तन से कोई खड़ा नहीं होता।' उनकी ये पंक्तियां बताती हैं कि उनका ह्रदय कितना विशाल था। उन्होंने कभी दलगत राजनीति नहीं की। आज तक कोई भी आदमी मुझे ऐसा नहीं मिला जो कहे कि मैं अटल जी के पास गया, लेकिन उनसे मिल नहीं सका।