
UP PCS Officer Transfer: उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक स्तर पर एक बार फिर बड़ा फेरबदल हुआ है। योगी सरकार ने गुरुवार को सात PCS अधिकारियों के तबादले किए हैं। इस फेरबदल में कई अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी गई हैं, जबकि कुछ अधिकारियों को पदोन्नति के साथ महत्वपूर्ण पदों पर तैनाती मिली है। तबादला सूची में लखनऊ के साथ-साथ बलरामपुर, बांदा, बरेली, प्रयागराज, गोरखपुर और आजमगढ़ मंडल के अधिकारी शामिल हैं।
प्रशासनिक फेरबदल के तहत अधिकारियों को तत्काल नई जिम्मेदारी संभालने के निर्देश दिए गए हैं। शासन के इस कदम से कई जिलों में प्रशासनिक कामकाज का स्वरूप बदलेगा। खास तौर पर नगर मजिस्ट्रेट और अपर जिलाधिकारी स्तर पर हुए बदलाव को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
तबादला सूची में सबसे प्रमुख बदलाव बलरामपुर की अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व ज्योति राय का है। उन्हें पदोन्नति देते हुए आजमगढ़ मंडल का अपर आयुक्त नियुक्त किया गया है। नई जिम्मेदारी के साथ उनके प्रशासनिक दायित्व का दायरा भी बढ़ गया है। आजमगढ़ मंडल में राजस्व एवं प्रशासन से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों की निगरानी में उनकी भूमिका अहम होगी।
वहीं, बांदा के नगर मजिस्ट्रेट संदीप केला को स्थानांतरित कर बलरामपुर का अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व बनाया गया है। इस बदलाव के बाद बलरामपुर में राजस्व प्रशासन की जिम्मेदारी अब उनके पास होगी।
तबादला सूची में बुलंदशहर के उपजिलाधिकारी दिनेश चंद्र को पदोन्नति के बाद बांदा का नया नगर मजिस्ट्रेट बनाया गया है। उनके अनुभव को देखते हुए उन्हें शहरी प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। नगर मजिस्ट्रेट के तौर पर कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक समन्वय और विभिन्न विभागों के बीच तालमेल बनाए रखना उनके प्रमुख दायित्वों में शामिल होगा।
इसी क्रम में चंदौली की एसडीएम दिव्या ओझा को स्थानांतरित कर बरेली में अपर जिलाधिकारी न्यायिक की जिम्मेदारी दी गई है। नई तैनाती के साथ उन्हें न्यायिक एवं प्रशासनिक मामलों से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों का दायित्व संभालना होगा।
प्रशासनिक फेरबदल में प्रयागराज और गोरखपुर के नगर मजिस्ट्रेटों की भी अदला-बदली की गई है। प्रयागराज के नगर मजिस्ट्रेट विनय कुमार सिंह को स्थानांतरित कर गोरखपुर का नगर मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया है। वहीं गोरखपुर के नगर मजिस्ट्रेट उत्कर्ष श्रीवास्तव को नई जिम्मेदारी देते हुए प्रयागराज का नगर मजिस्ट्रेट बनाया गया है।
दोनों शहर प्रदेश के महत्वपूर्ण प्रशासनिक और आर्थिक केंद्र हैं। ऐसे में नगर मजिस्ट्रेट स्तर पर हुए इस बदलाव को स्थानीय प्रशासन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों अधिकारियों को अपने-अपने नए कार्यक्षेत्र में कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक समन्वय से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाना होगा।
तबादला सूची में राजधानी लखनऊ से जुड़ा महत्वपूर्ण बदलाव निधि पांडेय का है। जन भवन लखनऊ में कम्पट्रोलर के पद पर तैनात निधि पांडेय को अब लखनऊ का उपजिलाधिकारी (SDM) नियुक्त किया गया है। उनकी नई तैनाती के बाद राजधानी के प्रशासनिक ढांचे में भी बदलाव देखने को मिलेगा।
लखनऊ में एसडीएम की जिम्मेदारी काफी महत्वपूर्ण होती है। राजस्व मामलों के साथ-साथ प्रशासनिक कार्यों, कानून-व्यवस्था और स्थानीय स्तर पर शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन में एसडीएम की भूमिका रहती है। ऐसे में निधि पांडेय की नई तैनाती को राजधानी के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
यह फेरबदल ऐसे समय हुआ है जब शासन ने हाल ही में 13 वरिष्ठ IAS अधिकारियों के भी तबादले किए थे। उस फेरबदल में चार मंडलों में नए मंडलायुक्तों की तैनाती की गई थी। गोरखपुर, बस्ती, बरेली और प्रयागराज मंडल में नए मंडलायुक्त नियुक्त किए गए थे। इसके अलावा आवास आयुक्त और श्रम आयुक्त जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी बदलाव किए गए थे। इसके बाद अब PCS अधिकारियों के स्तर पर हुए बदलाव से प्रशासनिक व्यवस्था में व्यापक स्तर पर नई जिम्मेदारियां तय की गई हैं। लगातार हो रहे इन तबादलों को प्रशासनिक कामकाज को और प्रभावी बनाने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है।
PCS अधिकारी जिलों और मंडलों में शासन की नीतियों को जमीन पर लागू कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। एसडीएम, एडीएम और नगर मजिस्ट्रेट जैसे पद सीधे तौर पर आम लोगों से जुड़े होते हैं। ऐसे में अधिकारियों की तैनाती का असर राजस्व मामलों, कानून-व्यवस्था, जनसुनवाई और विकास कार्यों की निगरानी पर भी पड़ता है। नई तैनाती के बाद अधिकारियों के सामने अपने-अपने क्षेत्रों में प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाने की चुनौती होगी। शासन की ओर से अधिकारियों को अपनी नई जिम्मेदारियां संभालने के निर्देश दिए गए हैं।