
अखिलेश यादव फोटो सोर्स @samajwadiparty Facebook
Akhilesh Yadav Statement Against EVM Voting: देशभर में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) को लेकर शुरू हुआ सियासी बवाल लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ समेत राज्य के विभिन्न जिलों में समाजवादी पार्टी (सपा), कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी हैं। इसी बीच, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार को ईवीएम के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाते हुए बड़ा बयान दिया है।
लखनऊ में मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि निष्पक्ष चुनाव प्रणाली के लिए बैलेट पेपर ही एकमात्र विकल्प है। उन्होंने अपने पुराने बयान को दोहराते हुए कहा, "मैंने लोकसभा में भी स्पष्ट कहा था कि अगर हम चुनाव में सभी सीटें भी जीत जाएं, तब भी ईवीएम के खिलाफ रहेंगे। जीतें या हारें, ईवीएम पर हमारा भरोसा नहीं है।"
सपा प्रमुख ने ईवीएम के खिलाफ अपने तर्कों को मजबूती देने के लिए विकसित देशों की चुनाव प्रणाली का हवाला दिया। अखिलेश यादव ने सवाल उठाया कि जब अमेरिका जैसे शक्तिशाली और विकसित देश में आज भी बैलेट पेपर से मतदान कराया जा रहा है, तो भारत में ऐसा क्यों नहीं हो सकता? उन्होंने कहा कि जर्मनी टेक्नोलॉजी और रिसर्च के मामले में भारत से बहुत आगे है, लेकिन वहां भी ईवीएम को स्वीकार नहीं किया गया। वहां के सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट आदेश दिया है कि यदि चुनाव ईवीएम से कराए जाते हैं, तो उसे असंवैधानिक माना जाएगा।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश समेत देश के कई राज्यों में विपक्षी दल चुनाव आयोग के खिलाफ सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं। लखनऊ में कांग्रेस, सपा और बसपा कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया और उनके इस्तीफे की मांग उठाई। विपक्ष का आरोप है कि मौजूदा चुनाव प्रणाली में पारदर्शिता का अभाव है और लोकतंत्र की रक्षा के लिए बैलेट पेपर की ओर वापस लौटना बेहद जरूरी है। विपक्ष के विरोध प्रदर्शन से ऐसा लगा रहा है कि यह मामला अभी शांत नहीं होने वाला है।
Updated on:
28 Sept 2026 05:59 pm
Published on:
28 Sept 2026 05:19 pm
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