
मंत्री दानिश आजाद अंसारी। फोटो-IANS
UP Politics: विपक्षी INDIA गठबंधन की 30 सितंबर को प्रस्तावित बैठक को लेकर राजनीतिक दलों के नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। बैठक को लेकर जहां उत्तर प्रदेश सरकार केमंत्री दानिश आजाद अंसारी ने गठबंधन पर सवाल उठाए, वहीं समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के नेताओं ने इसे महत्वपूर्ण बैठक बताते हुए गठबंधन की एकजुटता पर जोर दिया। बैठक में समाजवादी पार्टी की ओर से कौन शामिल होगा, इसे लेकर भी सपा नेताओं ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है।
उत्तर प्रदेश सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ और हज विभाग के राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने INDIA गठबंधन को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी पहले दिन से ही इस गठबंधन को असफल प्रयोग बताती रही है। दानिश आजाद अंसारी के मुताबिक, गठबंधन के अलग-अलग दल पहले कभी एक साथ नहीं रहे और सत्ता हासिल करने के उद्देश्य से एकजुट होने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गठबंधन के एजेंडे में जनता की भलाई और विकास प्राथमिकता नहीं है। उन्होंने कहा कि 'इंडिया' गठबंधन पूरी तरह से फ्लॉप एक्सपेरिमेंट है। ये एक घिसी-पिटी कहानी को आगे बढ़ाने की कोशिश है।
समाजवादी पार्टी के नेता राजकुमार भाटी ने कहा कि INDIA गठबंधन की प्रत्येक बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का शामिल होना जरूरी नहीं है। उन्होंने कहा कि गठबंधन में किसी तरह का मतभेद नहीं है और बैठक में समाजवादी पार्टी की ओर से कोई प्रतिनिधि शामिल होगा। राजकुमार भाटी ने कहा कि चुनाव से पहले गठबंधन की कई बैठकें होनी हैं और आवश्यकता के अनुसार राष्ट्रीय अध्यक्ष भी बैठकों में शामिल होंगे।
सपा विधायक अतुल प्रधान ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच गठबंधन को मजबूत बताया। उन्होंने कहा कि INDIA गठबंधन भी मजबूती के साथ कायम है। अतुल प्रधान ने कहा कि अखिलेश यादव और राहुल गांधी के बीच सीधे संवाद के अलावा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और अखिलेश यादव के बीच भी बातचीत होती है। उन्होंने कहा कि गठबंधन से जुड़े मामलों पर जानकारी के बिना किसी नेता को टिप्पणी नहीं करनी चाहिए।
समाजवादी पार्टी के नेता आरके वर्मा ने कहा कि बैठक में पार्टी की ओर से कोई भी नेता शामिल हो सकता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष जिसे मनोनीत करेंगे, वही बैठक में शामिल होकर पार्टी का प्रतिनिधित्व करेगा। आरके वर्मा ने दावा किया कि बैठक से ऐसा रास्ता निकलेगा, जिससे देश में व्याप्त नफरत का माहौल खत्म करने और देश के कल्याण की दिशा में काम करने में मदद मिलेगी। उन्होंने समाजवादी पार्टी के नेतृत्व में गठबंधन की सरकार बनने की भी बात कही।
कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने 30 सितंबर की बैठक को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के सहयोगी और INDIA गठबंधन के अन्य नेता बैठक में शामिल होंगे और गठबंधन एकजुट होकर आगे की रणनीति पर चर्चा करेगा। उन्होंने कहा कि बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों और सामने आए खुलासों के संदर्भ में आगे की रणनीति पर निर्णय लिया जा सकता है।
30 सितंबर की प्रस्तावित बैठक से पहले INDIA गठबंधन को लेकर भाजपा और विपक्षी दलों के नेताओं के अलग-अलग बयान सामने आए हैं। जहां भाजपा नेता गठबंधन की एकजुटता और उद्देश्य पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं सपा और कांग्रेस नेता गठबंधन के बीच समन्वय और आगामी बैठकों को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट कर रहे हैं। बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा होती है और विपक्षी दल आगे की रणनीति को लेकर क्या निर्णय लेते हैं, इस पर राजनीतिक नजरें बनी हुई हैं।
Updated on:
28 Sept 2026 04:21 pm
Published on:
28 Sept 2026 04:14 pm
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