लखनऊ

लखनऊ के ये 33 बिल्डर हैं डिफाल्टर, बिना जानकारी के न खरीदें मकान और प्लाट

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अगर आप आशियाना बनाने की सोच रहे हैं तो पहले यह खबर पढ़ लीजिए

less than 1 minute read
Feb 09, 2021
आवास विकास परिषद के उप आवास आयुक्त डॉक्टर अनिल कुमार ने कहा कि आवास विकास से बिना जानकारी लिए इन बिल्डर्स की योजनाओं में संपत्ति नहीं खरीदें

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
लखनऊ. आवास विकास परिषद ने लखनऊ के 33 बिल्डरों को डिफाल्टर घोषित किया है। इनके पास आवास विकास का 360.55 करोड़ रुपए फंस गया है। पूर्व में आवास विकास इन सभी को कई बार नोटिस जारी कर चुका है, अब इनके खिलाफ आरसी (वसूली प्रमाण पत्र) जारी करेगा। ऐसे में अगर आप राजधानी में प्लाट या मकान खरीदने जा रहे हैं तो पहले पूरी जानकारी कर लें। साथ ही यह भी जान लें जिस बिल्डर्स से आप बात कर रहे हैं तो कहीं वह डिफाल्टर तो नहीं है।

आवास विकास परिषद ने जिन 33 बिल्डर्स को नोटिस जारी किया था, इन्हें परिषद ने अपनी वृंदावन योजना में बड़ी संख्या में प्रॉपर्टी डीलरों व बिल्डरों को नीलामी से प्लॉट बेचे हैं। कई नोटिसों के बावजूद अब यह आवास विकास को बकाया पैसा नहीं दे रहे हैं। विभाग इन सभी के लिए आरसी जारी करने की तैयारी में है।

नहीं तो होगी मुश्किल
आवास विकास ने इन बिल्डर्स के बारे में लोगों को आगाह किया है। आवास विकास परिषद के उप आवास आयुक्त डॉक्टर अनिल कुमार ने कहा कि आवास विकास से बिना जानकारी लिए इन बिल्डर्स की योजनाओं में संपत्ति नहीं खरीदें। अगर इनसे संपत्ति खरीद ली तो आगे आपको दिक्कत हो सकती है। इनमें रहने वाले लोगों से भी भू राजस्व के बकाये की तरह वसूली की जाएगी। लखनऊ के 33 बिल्डर्स कौन हैं, जिन्हें डिफाल्टर घोषित किया गया है। यह जानने के लिए उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद कार्यालय से संपर्क करें।

Updated on:
09 Feb 2021 12:53 pm
Published on:
09 Feb 2021 12:39 pm
Also Read
View All
‘सीधे 1000 रुपये बढ़ा देते, 7 रुपये कम कर किस पर किया एहसान’, कमर्शियल गैस सिलेंडर के नए दामों पर अखिलेश यादव का सरकार को तंज

बारिश और तूफान का तांडव! 23 से ज्यादा लोगों की मौत की खबर से दहला यूपी; दो दिन मौसम ने मचाई तबाही, क्या बोले CM योगी

‘न्याय के लिए दर-दर भटकती रहीं पूजा पाल’, मंत्री ओपी राजभर बोले- अतीक अहमद ने राजू पाल की हत्या की, सपा पर यूं कसा तंज

‘जिन्होंने नक्सलियों को याद दिलाई थी नानी’, जानिए कौन हैं ADG से DG बनाए गए ‘सिंघम’ IPS आलोक सिंह?

‘जब BSP सुप्रीमो मायावती को कमरे में बंद कर फाड़ दिए गए कपड़े और हुई पिटाई’, विशेष सत्र में गूंजा गेस्ट हाउस कांड क्या था?