
अभी राजधानी के कई प्रापर्टी डीलर्स व बिल्डर्स ग्राहकों को झांसे में रखते हुए लैंड यूज चेंज कराये बिना जमीन बेच देते हैं, लेकिन अब ऐसा नहीं हो पाएगा
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
लखनऊ. प्रॉपर्टी डीलर्स (Property Dealers) व बिल्डर्स (Builders) अब राजधानी के ग्राहकों को लैंड यूज कराये बिना जमीन नहीं बेच पाएंगे, क्योंकि अगले वर्ष (2021) से लखनऊ का पूरा मास्टर प्लान डिजिटल (Digital Master Plan) होने जा रहा है। ऐसा होते ही कोई भी एक क्लिक पर भू-उपयोग (Land Use) की जानकारी ले सकेगा। मतलब मकान या प्लाट खरीदने से पहले ग्राहक एक क्लिक पर पता कर लेगा कि मकान या जमीन का भू-उपयोग क्या है। मसलन खरीदी जाने वाली जमीन आवासीय है या फिर एग्रीकल्चर, औद्योगिक, पार्क व अन्य सुविधाओं के लिए। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के मुख्य नगर नियोजक, नितिन मित्तल ने बताया कि इस वर्ष के अंत तक मास्टर प्लान के डिजिटलाइजेशन का काम पूरा हो जाने की उम्मीद है।
अभी राजधानी के कई प्रापर्टी डीलर्स व बिल्डर्स ग्राहकों को झांसे में रखते हुए लैंड यूज चेंज कराये बिना जमीन बेच देते हैं। और सीधे-साधे लोग अपनी जिंदगी भर की कमाई जमीन खरीदने और बनवाने में लगा देते हैं। बाद में जब पता चलता है कि जिस जमीन पर उन्होंने निर्माण कराया है, उसका लैंड यूज आवासीय नहीं है। ऐसे निर्माण को एलडीए अवैध मानते हुए जमींदोज कर देता है। डिजिटलाइजेशन के बाद लोग खुद एक क्लिक के जरिए भू-उपयोग के बारे में जानकारी कर ठगी का शिकार होने से बच सकेंगे।
मास्टर प्लान को डिजिटल करने की तैयारी
वर्ष 2021 से पहले राजधानी लखनऊ का पूरा मास्टर प्लान डिजिटल होगा। इसकी तैयारी शुरू हो गई है। मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग ने जिलाधिकारी कार्यालय से लखनऊ के सभी गांवों की जमीनों का सजरा प्लान मांगा है। सजरा प्लान को डिजिटलाइजेशन के साथ मास्टर प्लान में शामिल किया जाएगा। इसके अलावा लखनऊ आउटर रिंग रोड के एलाइनमेंट में भी बदलाव के चलते मास्टर प्लान में बदलाव किया जा रहा है।
Updated on:
17 Nov 2020, 3:49 PM IST
Published on:
17 Nov 2020, 3:45 PM IST
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