BJP Delhi meeting : उत्तर प्रदेश भाजपा संगठन में बड़े बदलाव की तैयारी! प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और महामंत्री धर्मपाल सिंह ने दिल्ली में डाला डेरा। क्षेत्रीय अध्यक्षों और मोर्चों के नामों पर फंसा पेंच, 25 मई के बाद आ सकती है नई सूची।
लखनऊ :उत्तर प्रदेश भाजपा संगठन में बड़े बदलाव को लेकर चल रही बैठकों का दौर अभी जारी रहेगा। शनिवार को प्रस्तावित अहम बैठक राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की गैरमौजूदगी के कारण नहीं हो सकी, जिसके चलते संगठन विस्तार पर फैसला फिलहाल टल गया है। अब उम्मीद जताई जा रही है कि आज दिल्ली में होने वाली बैठक में संगठन की नई सूची पर अंतिम मुहर लग सकती है। इसके बाद 25 मई के बाद नई टीम की घोषणा की जा सकती है।
प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह पिछले तीन दिनों से दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं। शनिवार को दोनों नेताओं ने भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े के आवास पर करीब दो घंटे तक संगठन में प्रस्तावित बदलावों को लेकर विस्तार से चर्चा की। सूत्रों के अनुसार कई नामों पर सहमति बन चुकी है, लेकिन कुछ अहम पदों को लेकर अभी भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
भाजपा संगठन में इस बार बड़े स्तर पर बदलाव की तैयारी है। खासकर क्षेत्रीय अध्यक्षों और विभिन्न मोर्चों के पदाधिकारियों को लेकर केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व के बीच लगातार मंथन चल रहा है। सूत्रों का कहना है कि युवा, किसान, अल्पसंख्यक और अन्य अनुषांगिक मोर्चों के अध्यक्षों के नाम भी प्रदेश नेतृत्व से मांगे गए हैं। इन पदों के लिए दावेदारों की लंबी सूची होने के कारण अंतिम निर्णय लेने में देरी हो रही है।
बताया जा रहा है कि कुछ क्षेत्रीय अध्यक्षों को हटाकर नई जिम्मेदारियां देने पर विचार हो रहा है, लेकिन उनके समायोजन को लेकर सहमति नहीं बन पा रही है। ऐसे में संगठन की पूरी सूची को अंतिम रूप देने में समय लग रहा है।
सूत्रों के मुताबिक भाजपा नेतृत्व इस बार संगठन में लंबे समय से जमे पदाधिकारियों को हटाकर नए चेहरों को मौका देना चाहता है। कई पदाधिकारी पिछले एक दशक से संगठन में महत्वपूर्ण पदों पर बने हुए हैं। इसके अलावा कुछ नेताओं की कार्यशैली और छवि को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं। इसी वजह से प्रदेश नेतृत्व संगठन में नई ऊर्जा लाने के उद्देश्य से बदलाव के पक्ष में है।
हालांकि, कई वरिष्ठ नेता अपने करीबी नेताओं और समर्थकों को दोबारा संगठन में जगह दिलाने के लिए प्रयासरत हैं। सूत्रों के अनुसार कुछ नेताओं ने अपने पसंदीदा नामों के लिए केंद्रीय नेतृत्व, गृहमंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय अध्यक्ष स्तर तक सिफारिशें भी कराई हैं। लेकिन प्रदेश नेतृत्व सभी नामों पर सहमत नहीं है, जिससे मामला उलझा हुआ है।
भाजपा संगठन में महामंत्री, उपाध्यक्ष, मंत्री, प्रवक्ता, मीडिया प्रभारी सहित युवा, किसान और अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्षों के अलावा छह क्षेत्रीय अध्यक्षों की नियुक्ति की जानी है। इन सभी पदों को लेकर लखनऊ और दिल्ली में कई दौर की बैठकों का आयोजन हो चुका है।
अब सभी की नजर दिल्ली में होने वाली अंतिम बैठक पर टिकी है, जहां संगठन की नई टीम को अंतिम रूप दिया जा सकता है। माना जा रहा है कि सूची जारी होने के बाद भाजपा 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारी को लेकर संगठनात्मक स्तर पर नई रणनीति के साथ आगे बढ़ेगी।