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हरदोई : एक सामान्य मजदूर की जिंदगी में 28 अप्रैल की रात ने अंधेरा घोल दिया। 35 वर्षीय शिवरतन ने अपनी पत्नी नन्हीं को पड़ोसी प्रदीप के साथ आपत्तिजनक हालत में देख लिया। जो घर था, वो टूट गया। जो भरोसा था, वो चूर-चूर हो गया। अगले ही दिन यानी 29 अप्रैल को शिवरतन ने खेत में गमछे से फंदा लगाकर अपनी जान दे दी। पीछे छूट गए चार नाबालिग बच्चे, एक बूढ़ा पिता और अधूरी जिंदगी की कहानी।
राम किशोर (शिवरतन के पिता) के मुताबिक बेटे की शादी 15 साल पहले लखीमपुर के सेमराघाट से नन्हीं देवी के साथ हुई थी। चार बच्चे थे। घर चलाने के लिए शिवरतन मजदूरी करते थे। पिछले तीन साल से पति-पत्नी के बीच अनबन चल रही थी, लेकिन कोई सोच भी नहीं सकता था कि ये टकराव इतना खतरनाक मोड़ ले लेगा।
28 अप्रैल की रात शिवरतन ने पत्नी को प्रदीप के साथ देख लिया। बस यहीं से सब कुछ बदल गया। अगले दिन प्रदीप ने अपने दोस्त पंचम के साथ मिलकर शिवरतन को खुलेआम धमकी दी, 'प्रेम प्रसंग की बात किसी को बताई तो जान से मार देंगे।' धमकियों का बोझ, पत्नी का घर छोड़कर चले जाना और अपमान… सब कुछ शिवरतन के लिए असहनीय हो गया। वह टूट गया।
घटना वाले दिन नन्हीं देवी चारों बच्चों को घर पर छोड़कर पड़ोस में चली गई। शिवरतन आरोपी के घर भी गया, लेकिन वहां भी अपमान सहना पड़ा। कुछ देर घर में रहने के बाद वह खेत चला गया। शाम को जब उसका भाई गन्ने की फसल में काम करने पहुंचा तो दिल दहला देने वाला नजारा था। शिवरतन का शव बाग में गमछे के फंदे से लटक रहा था। एक पल में पूरा परिवार बिखर गया।
राम किशोर ने थाने में लिखित शिकायत दी है। मझिला थाना प्रभारी सतेंद्र सिंह ने बताया कि नन्हीं देवी, प्रदीप और पंचम के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने (IPC 306) का मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब तीनों की भूमिका की जांच कर रही है।
Updated on:
24 May 2026 11:36 am
Published on:
24 May 2026 11:30 am
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