सीसीटीवी कैमरे से मॉनीटरिंग से लेकर परीक्षा केंद्रों पर सुपरवाइजरी तक के इंतेजाम किए गए हैं।
लखनऊ. यूपी बोर्ड परीक्षा को नकल विहीन कराने के लिए योगी सरकार की तमाम कोशिशें विफल साबित हो रही हैं। सीसीटीवी कैमरे से मॉनीटरिंग से लेकर परीक्षा केंद्रों पर सुपरवाइजरी तक के इंतेजाम किए गए, हालांकि इस कारण लाखों परीक्षार्थियों ने परीक्षा ही छोड़ दी, लेकिन तामम स्कूल व नकल माफियाओं अपनी आदत से बाज नहीं आ रहे और परीक्षा देने आए छात्र-छात्राओं को जमकर नकल करवा रहे हैं। डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा ने इसको लेकर कड़ा रुख अख्तियार किया है। और नकल करवाने वाले 29 कालेजों की मान्यता रद्द करने का फैसला लिया है। वहीं 141 नकल माफियाओं पर एफआईआर दर्ज उन्हें जेल की सलाखों के पीछे भिजवाया है। डिप्टी सीएम ने शनिवार को कड़े शब्दों में नकल के खिलाफ कार्रवाई की बात कही। वह बस्ती पहुंचे थे जहां उन्होंने परीक्षा केंद्रों का जायजा लिया।
वायरल हो रही अफवाहों पर न दे ध्यान-
डीप्टी सीएम ने बस्ती में हाल में वायरल हुए परीक्षा के प्रश्न पत्र का संज्ञाने लेते हुए कहा कि किसी वायरल हो रहे प्रश्न पत्रों की अफवाहों पर विश्वास करने की जरूरत नहीं हैं। वह बस्ती में पांडेय इंटर कॉलेज सहित अन्य विद्यालयों में बोर्ड परीक्षा की व्यवस्थाओं का जायजा लेने आए थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि दुष्प्रचार करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी व उन्हें जेल भेजा जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रदेश के जिन 29 विद्यालयों में नकल की शिकायत मिली है, उनकी मान्यता रद्द कर दी जाएगी।
नकल माफियाओं पर सख्त-
उन्होंने नकल मफियाओं को चेताते हुए कहा कि व्यवसाय बनाने वाले ऐसे लोगों के खिलाफ हमारी मुहिम जारी है। 141 नकल माफियाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जा रहा है। परीक्षा केंद्रों पर व्यवस्थाओं को लेकर उन्होंने कहा कि प्रदेश भर के परीक्षा केंद्रों कीएक लाख 90 हजार सीसीटीवी कैमरों से निगरानी हो रही है। 1 लाख 88 हजार कक्ष निरीक्षक तैनात हैं। 94 हजार कक्षों में बोर्ड की परीक्षा हो रही है।