
Bahujan Samaj Party: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बहुजन समाज पार्टी ने अपनी सियासी तैयारियां तेज कर दी हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बाद अब पार्टी का फोकस पूर्वांचल पर है। राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक, बसपा के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद सितंबर में पूर्वांचल के कई जिलों में जनसभाएं कर सकते हैं। पार्टी इन कार्यक्रमों के जरिए अपने पुराने वोट बैंक को मजबूत करने के साथ युवाओं और जेन जी मतदाताओं तक पहुंच बनाने की कोशिश करेगी। इससे पहले मायावती ने 25 अगस्त को नोएडा के जेवर में आकाश आनंद की जनसभा को मंजूरी दी है।
आकाश आनंद की सक्रियता की शुरुआत पश्चिमी उत्तर प्रदेश से हो रही है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने 25 अगस्त को नोएडा के जेवर में उनकी जनसभा को मंजूरी दी है। इसके बाद सितंबर में पूर्वांचल के अलग-अलग जिलों में भी आकाश की सभाएं प्रस्तावित हैं। बसपा की रणनीति साफ है कि चुनाव से पहले आकाश आनंद को लगातार मैदान में उतारा जाए। पार्टी को उम्मीद है कि उनकी सक्रियता से युवाओं में जुड़ाव बढ़ेगा और बसपा का पारंपरिक वोट बैंक विपक्ष की ओर जाने से रोका जा सकेगा।
पूर्वांचल बसपा के लिए हमेशा महत्वपूर्ण क्षेत्र रहा है। साल 2019 के लोकसभा चुनाव में पार्टी ने इस क्षेत्र में चार सीटों पर जीत दर्ज की थी। आजमगढ़ की लालगंज सीट से संगीता आजाद, गाजीपुर से अफजाल अंसारी, घोसी से अतुल राय और जौनपुर से श्याम सिंह यादव चुनाव जीतकर सांसद बने थे। इसी चुनाव में पश्चिमी उत्तर प्रदेश से भी बसपा के चार सांसद चुने गए थे। ऐसे में पार्टी एक बार फिर दोनों क्षेत्रों में अपना पुराना प्रभाव मजबूत करने की कोशिश में जुटी है।
बसपा के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने पारंपरिक वोट बैंक को मजबूत बनाए रखने की है। पिछले चुनावों में पार्टी के वोट में बदलाव और विपक्षी दलों के बीच नए सामाजिक समीकरण बनने के बाद बसपा अब अपने संगठन को नए तरीके से सक्रिय कर रही है। आकाश आनंद को लगातार जनसभाओं में उतारना इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
बसपा अब सिर्फ अपने पुराने समर्थक वर्ग तक सीमित नहीं रहना चाहती। पार्टी की नजर युवा मतदाताओं पर भी है। आकाश आनंद की उम्र और उनकी राजनीतिक शैली को देखते हुए बसपा उन्हें युवाओं के बीच पार्टी का चेहरा बनाने की कोशिश कर रही है। जेन जी को जोड़ना भी इसी रणनीति का हिस्सा है। जनसभाओं और संगठन के कार्यक्रमों के जरिए पार्टी युवाओं तक अपनी बात पहुंचाने की तैयारी में है। इसके साथ ही मायावती की बड़ी मंडलीय रैलियों से पहले माहौल बनाने की जिम्मेदारी भी आकाश आनंद को दी जा रही है।
पूर्वांचल के जिलों से लगातार मिल रही मांग के बाद सितंबर में आकाश आनंद की कई बड़ी जनसभाएं हो सकती हैं। हालांकि, इन कार्यक्रमों का पूरा कार्यक्रम अभी सामने नहीं आया है। पार्टी की नजर विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करने और अपने समर्थक वर्ग को एकजुट रखने पर है। आकाश आनंद की जनसभाओं को इसी अभियान का अहम हिस्सा माना जा रहा है।