
CM Yogi Adityanath: देश की राजधानी दिल्ली में छात्रों के बड़े प्रदर्शन के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहली बार अपनी प्रतिक्रिया दी है। सीएम योगी ने साफ कहा कि जो लोग युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे हैं, उन्हें जेल की सलाखों के पीछे ही जगह मिलेगी। श्रावस्ती में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि उनकी सरकार ने अब तक यूपी में 9 लाख युवाओं को बिना किसी सिफारिश और रिश्वत के सरकारी नौकरियां दी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग जानबूझकर युवाओं को गुमराह कर रहे हैं और उन्हें सड़कों पर उतार रहे हैं।
योगी आदित्यनाथ ने पुरानी व्यवस्था पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पहले भर्तियों में चाचा-भतीजे वाली जोड़ी और सैफई सिंडिकेट का राज था। पर्ची और खर्ची के आधार पर नौकरियां बंटती थीं। कई बार अदालत को भी इन भर्तियों पर रोक लगानी पड़ती थी। लेकिन अब पूरी प्रक्रिया पारदर्शी हो गई है। आज श्रावस्ती जैसे पिछड़े इलाके का लड़का भी मेहनत से तैयारी करके नियुक्ति पत्र ले रहा है।
दिल्ली में मंगलवार को भी प्रदर्शन जारी है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ सपा प्रमुख अखिलेश यादव सहित कई नेता प्रदर्शन में शामिल हुए। इस दौरान दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी और अखिलेश को हिरासत में ले लिया और बस में बिठाकर प्रदर्शन स्थल से ले गए।
सीएम ने कहा कि आज यूपी में न मच्छरों का आतंक है और न माफियाओं का। उन्होंने बताया कि श्रावस्ती पहले आकांक्षी जिला था, अब प्रेरणा का केंद्र बन रहा है। सरकार ने शुरू से ही अपराधियों पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। बलरामपुर में छांगुर जैसे तत्व को जेल भेजा गया और उसके अवैध कारोबार पर बुलडोजर चला दिया गया। योगी ने दोहराया कि जो कोई भी बेटियों या व्यापारियों की सुरक्षा में सेंध लगाएगा, उसके लिए सिर्फ दो जगह हैं - जेल या जहन्नुम।
दिल्ली में हाल में हुए छात्र आंदोलन का जिक्र करते हुए सीएम ने युवाओं से अपील की कि वे उन लोगों के बहकावे में न आएं जो उनके भविष्य को बर्बाद करने पर तुले हैं। उन्होंने अपनी सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि रोजगार के नए अवसर पैदा किए जा रहे हैं और युवा अब सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में परीक्षा पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था को लेकर छात्रों का गुस्सा सड़कों पर दिख रहा है। योगी के इस बयान को यूपी की सत्ताधारी पार्टी की तरफ से युवाओं को संदेश के तौर पर भी देखा जा रहा है।