उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा कि पूर्व विधायक अजय राय की सुरक्षा हटाना और व्यक्तिगत शस्त्र लाइसेंस निरस्त करना भाजपा सरकार की विद्वेषपूर्ण बदले की कार्रवाई है
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
लखनऊ. यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कांग्रेस नेता अजय राय की व्यक्तिगत सुरक्षा और निजी शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया को बदले की कार्रवाई करार दिया है। इस संदर्भ में उन्होंने प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल को पत्र लिखकर अविलम्ब सुरक्षा-व्यवस्था बहाल किये जाने एवं शस्त्र लाइसेंस फिर से जारी किये जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि आज पूरे प्रदेश में कांग्रेस की आवाज को बलपूर्वक दबाया जा रहा है और लोकतंत्र की हत्या की जा रही है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि अजय राय विगत दो लोकसभा चुनावों में वाराणसी संसदीय क्षेत्र से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ चुके हैं। इसके अलावा वह योगी सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ सोशल मीडिया व आन्दोलनों के माध्यम से सरकार को घेरते रहते हैं, जिसके कारण सरकार द्वारा राजनीतिक विद्वेष के तहत अजय राय पर बदले की भावना से कार्यवाही की गयी है। यह लोकतंत्र में कतई उचित नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश की अवहेलना कर रही योगी सरकार
अजय लल्लू ने कहा कि माननीय उच्चतम न्यायालय ने जघन्य अपराधों जैसे हत्या आदि के मामलों में गवाहों की सुरक्षा को लेकर वर्ष 2018 के गवाह संरक्षण योजना का खुला उल्लंघन योगी सरकार कर रही है। अजय राय अपने भाई की हत्या के मामले में चश्मदीद गवाह हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा हटाना और उनके निजी शस्त्र लाइसेंस निरस्त करना सुप्रीम कोर्ट के उक्त निर्देश की अवहेलना है।