
UP Cracks Down: लखनऊ में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए पुलिस और प्रशासन ने एक बार फिर सख्ती दिखाई है। थाना बंथरा, सुशांत गोल्फ सिटी, महानगर और मोहनलालगंज क्षेत्र के कई मनबढ़ और दबंग तत्वों पर उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम-1970 (UP Gunda Control Act) के तहत कार्रवाई की गई है। इन आरोपियों को ‘गुंडा घोषित’ करते हुए लखनऊ जिले की सीमा से निष्कासित (जिला बदर) कर दिया गया है। प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध गतिविधियों में लिप्त अपराधियों में हड़कंप मच गया है।
पुलिस के मुताबिक इन व्यक्तियों का लगातार आपराधिक गतिविधियों में शामिल होना, क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल बनाना तथा जनता के बीच दहशत फैलाना मुख्य कारण रहा। थाना क्षेत्रों से लगातार शिकायतें आ रही थीं कि ये लोग दबंगई दिखाकर अवैध वसूली, जमीन कब्जा, मारपीट और अन्य अपराधों में शामिल रहते हैं। जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) की संयुक्त समीक्षा बैठक के बाद तय किया गया कि ऐसे तत्वों पर गुंडा एक्ट के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी, ताकि इनके प्रभाव को खत्म किया जा सके और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखी जा सके।
जिलाधिकारी और एसएसपी ने संयुक्त बयान में कहा कि “लखनऊ में कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। दबंगई, रंगदारी, अवैध कब्जे और असामाजिक गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।” पुलिस अधिकारियों ने यह भी साफ कर दिया कि जिला बदर किए गए अपराधियों की लोकेशन पर नजर रखी जाएगी। यदि कोई व्यक्ति आदेश का उल्लंघन करता है तो उसे जेल भेजा जाएगा।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि ऐसे दबंगों के कारण आम लोग परेशान थे। एक स्थानीय दुकानदार ने बताया, “हम रोजाना इनके डर में जी रहे थे। कई बार धमकाकर वसूली की कोशिश की गई। प्रशासन की इस कार्रवाई से राहत मिलेगी।” वहीं, ग्रामीण इलाकों के लोगों ने कहा कि “गुंडा एक्ट के तहत की गई कार्रवाई ने एक सख्त संदेश दिया है। अब ऐसे लोगों का खौफ कम होगा।”
पुलिस हर थाना क्षेत्र में ऐसे अपराधियों की लिस्ट तैयार कर रही है। थाना स्तर पर विशेष टीमें बनाई गई हैं, जो जिला बदर अपराधियों की लोकेशन और गतिविधियों की रिपोर्ट तैयार करेंगी। साथ ही, प्रशासन ने जनता से अपील की है कि “यदि कोई जिला बदर व्यक्ति इलाके में आता है तो तत्काल पुलिस को सूचना दें।”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद गुंडा एक्ट और एनएसए (राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम) जैसे कठोर कानूनों के प्रयोग में तेजी आई है। सरकार का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” की नीति जारी रहेगी। पिछले छह महीनों में लखनऊ समेत पूरे प्रदेश में कई ऐसे दबंग और माफिया तत्वों को जिला बदर किया गया है। पुलिस और प्रशासन अब इनके अवैध धंधों पर भी लगातार कार्रवाई कर रहे हैं।