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पूर्व CM कल्याण सिंह की पुण्यतिथि पर CM योगी की श्रद्धांजलि, अलीगढ़ में ‘हिंदू गौरव दिवस’ का आयोजन

पूर्व मुख्यमंत्री और 'पद्म विभूषण' सम्मानित कल्याण सिंह की चौथी पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। राम मंदिर आंदोलन के महानायक रहे 'बाबूजी' के योगदान को याद करने के लिए अलीगढ़ में आज 'हिंदू गौरव दिवस' के रूप में भव्य श्रद्धांजलि सभा का आयोजन हो रहा है।

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लखनऊ

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Ritesh Singh

Aug 21, 2025

कल्याण सिंह की पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दी श्रद्धांजलि ( फोटो सोर्स : Social Media, Whatsapp)

कल्याण सिंह की पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दी श्रद्धांजलि ( फोटो सोर्स : Social Media, Whatsapp)

Kalyan Singh Death Anniversary: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और राजस्थान व हिमाचल प्रदेश के पूर्व राज्यपाल, ‘पद्म विभूषण’ से सम्मानित कल्याण सिंह ‘बाबूजी’ की चौथी पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री योगी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा -"राजस्थान के पूर्व राज्यपाल, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री, परम रामभक्त, 'पद्म विभूषण', श्रद्धेय कल्याण सिंह 'बाबूजी' की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि! श्रद्धेय 'बाबूजी' असाधारण व्यक्तित्व के साथ अपने मूल्यों, आदर्शों पर सदैव अडिग रहे। अपनी प्रशासनिक दक्षता से उन्होंने देश और प्रदेश की राजनीति को नई दिशा दी। उनकी पावन स्मृतियों को कोटि-कोटि नमन!"

मुख्यमंत्री ने कहा कि कल्याण सिंह का जीवन जनता के कल्याण, राष्ट्रवाद और सांस्कृतिक अस्मिता को समर्पित रहा। वे राजनीतिक जीवन के हर पड़ाव पर अपने सिद्धांतों के प्रति अडिग रहे और प्रशासन में जवाबदेही व पारदर्शिता की मिसाल पेश की।

राम मंदिर आंदोलन के महानायक

कल्याण सिंह जिन्हें प्रेमपूर्वक ‘बाबूजी’ कहा जाता था, भारतीय राजनीति के उन नेताओं में शामिल रहे जिन्होंने राष्ट्रवादी विचारधारा को जन-जन तक पहुँचाया। वे न केवल एक कुशल प्रशासक और प्रखर वक्ता थे, बल्कि राम मंदिर आंदोलन के महानायकों में से एक माने जाते हैं।

  • अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए चल रहे आंदोलन को उन्होंने न केवल राजनीतिक संरक्षण दिया बल्कि खुलकर इसके समर्थन में खड़े रहे।
  • 1992 में उनके मुख्यमंत्री रहते बाबरी मस्जिद ढांचा ढहने की घटना के बाद उन्होंने सत्ता छोड़ दी, लेकिन अपने फैसलों को लेकर कभी पछतावा नहीं जताया।
  • उनका कहना था कि वे हमेशा अपनी प्रतिबद्धता, आस्था और जनता के प्रति वचनबद्धता के पक्ष में खड़े रहे।

राजनीतिक सफर और उपलब्धियां

  • जन्म: 5 जनवरी 1932, मढ़ौली गांव, अलीगढ़।
  • पहली जीत: 1967 में पहली बार अतरौली विधानसभा क्षेत्र से विधायक बने।
  • मुख्यमंत्री पद: वे दो बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे (1991–1992 और 1997–1999)।
  • राज्यपाल पद: बाद में राजस्थान और हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल भी रहे।
  • सम्मान: भारत सरकार ने उन्हें 2021 में मरणोपरांत ‘पद्म विभूषण’ से सम्मानित किया।
  • मुख्यमंत्री के रूप में कल्याण सिंह ने शिक्षा, स्वास्थ्य, कानून-व्यवस्था और बुनियादी ढांचे के विकास को प्राथमिकता दी। उन्होंने प्रशासनिक सुधारों और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती से कदम उठाए।

अलीगढ़ में ‘हिंदू गौरव दिवस’ कार्यक्रम का आयोजन

  • कल्याण सिंह की चौथी पुण्यतिथि के अवसर पर अलीगढ़ में आज ‘हिंदू गौरव दिवस’ के रूप में भव्य श्रद्धांजलि सभा आयोजित की जा रही है।
  • इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, बृजेश पाठक समेत भाजपा के कई वरिष्ठ नेता और हजारों कार्यकर्ता शामिल होंगे।
  • श्रद्धांजलि सभा में कल्याण सिंह के जीवन, उनके राजनीतिक योगदान और आदर्शों पर प्रकाश डाला जाएगा।
  • यह आयोजन उनके आदर्शों को आगे बढ़ाने और नई पीढ़ी तक पहुँचाने का एक बड़ा मंच होगा।

भाजपा नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

  • सीएम योगी के अलावा भाजपा के राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के सभी वरिष्ठ नेताओं ने सोशल मीडिया पर ‘बाबूजी’ को नमन किया।
  • केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें "हिंदुत्व के सच्चे प्रहरी और जन-जन के नेता" बताया।
  • रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि "कल्याण सिंह का जीवन समाज के सबसे कमजोर वर्ग के उत्थान को समर्पित था।"
  • भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि "बाबूजी का व्यक्तित्व जनसेवा और सिद्धांतनिष्ठ राजनीति की जीती-जागती मिसाल है।"

कल्याण सिंह की विरासत

  • उन्होंने राजनीति में जातिगत समीकरणों को चुनौती दी और जनसाधारण के मुद्दों को केंद्र में रखा।
  • उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था मजबूत करने और शिक्षा के क्षेत्र में सुधार लाने के उनके प्रयास आज भी याद किए जाते हैं।
  • राम मंदिर आंदोलन को निर्णायक मोड़ पर ले जाने में उनकी भूमिका को इतिहास में हमेशा विशेष स्थान मिलेगा।