लखनऊ

Petrol Diesel LPG Black Market: यूपी में ईंधन कालाबाजारी पर बड़ा एक्शन: 233 एफआईआर, 20 गिरफ्तार, हजारों छापेमारी

UP Cracks Down on Fuel Black Marketing: उत्तर प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई हुई। 233 एफआईआर दर्ज, 20 गिरफ्तारियां और 19 हजार से अधिक छापेमारी से हड़कंप मचा है।

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Apr 03, 2026
पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की कालाबाजारी पर बड़ा एक्शन: 233 एफआईआर, 20 गिरफ्तार, 19 हजार से ज्यादा छापेमारी (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)

Petrol Diesel LPG Black Market Raid News: उत्तर प्रदेश सरकार ने पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कालाबाजारी के खिलाफ व्यापक स्तर पर सख्त अभियान चलाया है। इस कार्रवाई के तहत अब तक 233 एफआईआर दर्ज की गई हैं और 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इसके साथ ही प्रदेशभर में 19 हजार से अधिक स्थानों पर छापेमारी की गई है, जिससे अवैध गतिविधियों पर बड़ा प्रहार हुआ है।

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 बड़े पैमाने पर छापेमारी अभियान

सरकार द्वारा चलाए जा रहे इस विशेष अभियान के तहत पेट्रोल पंपों, गैस एजेंसियों, गोदामों और संदिग्ध स्थानों पर व्यापक स्तर पर जांच की गई। प्रशासन की टीमों ने जिले-जिले में जाकर औचक निरीक्षण किया, जिससे कई अनियमितताएं सामने आईं।अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी प्रकार की कालाबाजारी या जमाखोरी को सख्ती से रोका जाएगा।

233 एफआईआर और 20 गिरफ्तारियां

अब तक की कार्रवाई में कुल 233 एफआईआर दर्ज की गई हैं, जो इस बात का संकेत है कि कालाबाजारी के खिलाफ सरकार का रुख बेहद सख्त है। इसके अलावा 20 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिन पर अवैध रूप से ईंधन की बिक्री, जमाखोरी और नियमों के उल्लंघन के आरोप हैं। पुलिस और प्रशासन इन मामलों की गहराई से जांच कर रहे हैं, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।

 एलपीजी की अवैध रिफिलिंग पर भी कार्रवाई

अभियान के दौरान कई जगहों पर घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की अवैध रिफिलिंग का मामला भी सामने आया। कुछ लोग घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग व्यावसायिक कार्यों में कर रहे थे, जो नियमों का उल्लंघन है। ऐसे मामलों में संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई और कई उपकरण जब्त किए गए।

आपूर्ति व्यवस्था सामान्य

सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। किसी भी प्रकार की कमी नहीं है, और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि कालाबाजारी की अफवाह फैलाकर कुछ लोग अनुचित लाभ उठाने की कोशिश कर रहे थे, जिन पर अब कार्रवाई की जा रही है।

निगरानी व्यवस्था को किया गया मजबूत

इस अभियान के तहत निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे नियमित रूप से पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों की जांच करें। इसके अलावा, उपभोक्ताओं से भी अपील की गई है कि यदि उन्हें कहीं भी अनियमितता या कालाबाजारी की जानकारी मिलती है, तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें।

आम जनता को राहत

सरकार के इस सख्त कदम से आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद है। ईंधन की कालाबाजारी पर रोक लगने से न केवल कीमतों पर नियंत्रण रहेगा, बल्कि उपभोक्ताओं को सही मात्रा और गुणवत्ता में ईंधन मिल सकेगा।

 व्यापारियों को चेतावनी

प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जो भी व्यक्ति या संस्था नियमों का उल्लंघन करते हुए कालाबाजारी में लिप्त पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।लाइसेंस रद्द करने, भारी जुर्माना लगाने और गिरफ्तारी जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है।

 आगे भी जारी रहेगा अभियान

सरकार ने संकेत दिए हैं कि यह अभियान केवल एक बार की कार्रवाई नहीं है, बल्कि इसे लगातार जारी रखा जाएगा। समय-समय पर औचक निरीक्षण और जांच के जरिए कालाबाजारी पर नजर रखी जाएगी।

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