लखनऊ

Future Ready Tehsil: यूपी की तहसीलें बनेंगी फ्यूचर रेडी, डिजिटल और नागरिक-केंद्रित सेवाओं से होंगी लैस

Tehsil Reforms: उत्तर प्रदेश में राजस्व प्रशासन को आधुनिक और डिजिटल बनाने की दिशा में योगी सरकार बड़ा कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के तहत प्रदेश की तहसीलों को ‘फ्यूचर रेडी’ मॉडल प्रशासनिक केंद्रों के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे नागरिकों को तेज, पारदर्शी और तकनीक-सक्षम सेवाएं मिल सकें।

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Jan 07, 2026
यूपी में बनेंगी फ्यूचर रेडी तहसीलें, डिजिटल इंडिया और ई-गवर्नेंस की दिशा में ऐतिहासिक कदम (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)

UP Government to Develop ‘Future Ready Tehsils: उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश के राजस्व प्रशासन को आधुनिक, पारदर्शी और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप प्रदेश की सभी तहसीलों को “फ्यूचर रेडी तहसील” के रूप में विकसित किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य तहसील स्तर पर नागरिकों को तेज, डिजिटल, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित सेवाएं उपलब्ध कराना है। यह पहल न केवल डिजिटल इंडिया अभियान को तहसील स्तर तक ले जाएगी, बल्कि ई-गवर्नेंस को भी नई ऊंचाइयों पर पहुंचाएगी।

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राजस्व प्रशासन में होगा व्यापक डिजिटल परिवर्तन

उत्तर प्रदेश का राजस्व प्रशासन अब तक आम नागरिकों के लिए सबसे अधिक संपर्क वाला प्रशासनिक ढांचा रहा है। भूमि से जुड़े रिकॉर्ड, दाखिल-खारिज, जाति, आय और निवास प्रमाण-पत्र, विरासत से जुड़े मामलों और राजस्व विवादों के लिए नागरिकों को तहसीलों के चक्कर लगाने पड़ते थे। फ्यूचर रेडी तहसील योजना के तहत इन सभी सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल किया जाएगा, ताकि नागरिक घर बैठे ही अधिकांश सेवाओं का लाभ उठा सकें।

राजस्व विभाग की समीक्षा बैठकों में इस बात पर सहमति बनी है कि प्रदेश की सभी तहसीलों का सर्वे कर उनकी मौजूदा स्थिति, इंफ्रास्ट्रक्चर, तकनीकी जरूरतों और भविष्य की मांगों का आकलन किया जाएगा। इसके आधार पर एक विस्तृत फ्रेमवर्क तैयार किया जा रहा है, जिसे जून 2026 तक पूरा करने की समय सीमा निर्धारित की गई है।

अत्याधुनिक तकनीक से लैस होंगी फ्यूचर रेडी तहसीलें

फ्यूचर रेडी तहसीलों में अत्याधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म, ई-फाइलिंग सिस्टम, ऑनलाइन रिकॉर्ड मैनेजमेंट और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर की व्यवस्था की जाएगी। भूमि रिकॉर्ड पूरी तरह डिजिटल होंगे और ब्लॉकचेन तकनीक के माध्यम से सुरक्षित किए जाएंगे, जिससे छेड़छाड़ और फर्जीवाड़े की संभावनाएं लगभग समाप्त हो जाएंगी। इसके साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सिस्टम भी लागू किए जाएंगे, जो राजस्व मामलों की निगरानी, शिकायतों के निस्तारण और डेटा विश्लेषण में मदद करेंगे। इससे प्रशासनिक निर्णय अधिक सटीक और समयबद्ध हो सकेंगे।

नागरिक-केंद्रित सेवाओं पर विशेष जोर

योगी सरकार की इस पहल का केंद्र बिंदु नागरिक सुविधा है। फ्यूचर रेडी तहसीलों में नागरिकों को लंबी कतारों और अनावश्यक देरी से राहत मिलेगी। दाखिल-खारिज, नामांतरण, प्रमाण-पत्र जारी करना, भूमि विवादों का निस्तारण और अन्य राजस्व सेवाएं तय समय सीमा में ऑनलाइन माध्यम से पूरी की जा सकेंगी। डिजिटल सेवाओं के साथ-साथ तहसीलों में हेल्प डेस्क, ई-सेवा केंद्र और प्रशिक्षित स्टाफ की भी व्यवस्था होगी, ताकि तकनीक से कम परिचित नागरिकों को भी कोई परेशानी न हो।

मॉडल प्रशासनिक केंद्रों के रूप में विकसित होंगी तहसीलें

फ्यूचर रेडी तहसीलें केवल कार्यालय नहीं, बल्कि मॉडल प्रशासनिक केंद्र के रूप में कार्य करेंगी। यहां आधुनिक भवन, डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड, वेटिंग एरिया, दिव्यांगजनों के लिए विशेष सुविधाएं और पर्यावरण-अनुकूल व्यवस्थाएं होंगी। सरकार का उद्देश्य है कि तहसीलें पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही का प्रतीक बनें। इससे प्रशासन और आम जनता के बीच विश्वास और मजबूत होगा।

ई-गवर्नेंस से मजबूत होगी अर्थव्यवस्था

राजस्व प्रशासन के डिजिटलाइजेशन का असर केवल सुविधा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। पारदर्शी भूमि रिकॉर्ड और तेज़ राजस्व सेवाओं से निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे रोजगार और विकास की गतिविधियां तेज होंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल राजस्व प्रणाली से भूमि विवादों में कमी आएगी, जिससे न्यायिक व्यवस्था पर भी बोझ कम होगा।

डिजिटल इंडिया अभियान को मिलेगा नया आयाम

फ्यूचर रेडी तहसील योजना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के डिजिटल इंडिया विजन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। पहले चरण में पुलिस, परिवहन और नगर निकाय सेवाओं का डिजिटलाइजेशन किया गया, अब राजस्व प्रशासन को भी उसी स्तर पर लाने की तैयारी है। यह योजना केंद्र सरकार के डिजिटल इंडिया मिशन और सुशासन के लक्ष्यों के अनुरूप है, जिसमें तकनीक के माध्यम से शासन को सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया है।

जून 2026 तक पूरा होगा फ्रेमवर्क

राजस्व विभाग के अधिकारियों के अनुसार, प्रदेश की सभी तहसीलों का सर्वे और फ्रेमवर्क निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इसमें प्रत्येक तहसील की भौगोलिक स्थिति, जनसंख्या, कार्यभार और तकनीकी जरूरतों को ध्यान में रखा जा रहा है। जून 2026 तक यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद चरणबद्ध तरीके से फ्यूचर रेडी तहसीलों का निर्माण और संचालन शुरू किया जाएगा।

प्रशासनिक क्रांति की ओर उत्तर प्रदेश

फ्यूचर रेडी तहसीलें उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक क्रांति की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही हैं। यह पहल न केवल राजस्व सेवाओं को आधुनिक बनाएगी, बल्कि नागरिकों के समय, धन और श्रम की बचत भी करेगी। योगी सरकार का यह कदम स्पष्ट करता है कि प्रदेश में शासन अब केवल फाइलों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि तकनीक, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ जनता के द्वार तक पहुंचेगा। फ्यूचर रेडी तहसीलें आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश को डिजिटल गवर्नेंस का अग्रणी राज्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

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