लखनऊ

अयोध्या में मारे गये कारसेवकों के नाम पर यूपी में बनेंगी सड़कें : डिप्टी सीएम केशव मौर्य

अयोध्या में बोले उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य- सड़कों पर कारसेवकों के नाम और तस्वीर भी लगाई जाएगी
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Updated: 8 Jul 2021, 4:32 PM IST
up government will construct road in name of ayodhya karsevak

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
लखनऊ. यूपी विधानसभा चुनाव (uttar pradesh assembly elections 2022) से पहले उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Prasad Maurya) ने बड़ा ऐलान किया है। अयोध्या में कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि 1990 में अयोध्या में मारे गये कारसेवकों (karsevak) के नाम पर प्रदेश में सड़कों का निर्माण किया जाएगा। तत्कालीन सीएम मुलायम सिंह यादव (Mulayam Singh Yadav) पर निशाना साधते हुए डिप्टी सीएम ने कहा कि कारसेवक अयोध्या में रामलला के 'दर्शन' चाहते थे। लेकिन, तत्कालीन सपा सरकार ने निहत्थे भगवान राम भक्तों पर गोलियां चलाई थीं। कई लोग मारे गए। आज, मैं घोषणा करता हूं कि ऐसे सभी कारसेवकों के नाम पर यूपी में सड़कों का निर्माण किया जाएगा।

कार्यक्रम के बाद केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि जो बलिदानी रामभक्त हैं चाहे वह 30 अक्टूबर 1990 हो या 2 नवंबर 1990 हो, उनके घर तक सड़क बनवाएंगे। इन सड़कों पर स्मारक पट्टिका भी लगाई जाएंगी, जिन पर कारसेवकों के नाम और तस्वीर होंगी। उन्होंने कहा कि शहीद जवानों के घर तक जय हिंद वीर पथ के नाम से और टॉपर स्टूडेंट के घर तक सड़क बनाई जाएगी। डिप्टी सीएम ने कहा कि प्रदेश में स्वामी विवेकानंद के नाम से भी सड़कें बनेंगी।

30 अक्टूबर को क्या हुआ था अयोध्या में
30 अक्टूबर को अध्योध्या में जब कारसेवकों ने बाबरी मस्जिद में प्रवेश करने की कोशिश की तो पुलिस ने उन्हें रोका। नतीज पुलिस और कारसेवकों में झड़प हो गई। इस दौरान कारसेवक मस्जिद में घुसने के लिए डटे रहें। थोड़ी देर बाद तत्कालीन मुलायम सिंह यादव की सरकार ने कारसेवकों पर गोली चलाने का आदेश दे दिया। फायरिंग के कारण भदगड़ मच गई। इस घटना में दो दर्जन से अधिक कारसेवक मारे गये। अधिकारिक रिकॉर्ड में 17 मौतें बताई जा रही हैं, जबकि बीजेपी का कहना है कि गोलीकांड में 56 कारसेवकों की मौत हुई थी।

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8 Jul 2021, 4:32 PM IST
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