
लखनऊ. गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) के दिन कासगंज में हुई सांप्रदायिक हिंसा मामले पर उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कासगंज हिंसा को उत्तर प्रदेश के लिये कलंक करार दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कासगंज हिंसा मामले की तह तक जाकर जाकर कराये। साथ ही सरकार दोषियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई करे कि फिर यूपी में दोबारा कहीं कोई घटना न हो। उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह ने कहा कि कासगंज हिंसा मामले में उपद्रवियों के खिलाफ रासुका (National Security Act ) के तहत कार्रवाई होगी।का लगेगा।
महाराणा प्रताप की परिनिर्वाण दिवस राज्यपाल राम नाईक ने राजधानी के हुसैनगंज चौराहे पर स्थिति उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान राज्यपाल ने मीडिया से बातचीत में कासगंज की घटना पर दुख जताया। राम नाईक ने कहा कि कासगंज की घटना उत्तर प्रदेश के लिए कलंक और शर्म की बात है। उन्होंने कहा कि कासगंज हिंसा जांच का विषय है। राज्य सरकार कासगंज साम्प्रदायिक हिंसा मामले की तह तक जांच कराये। कासगंज हिंसा मामले में सरकार दोषियों के खिलाफ कड़े कदम उठाये, ताकि उत्तर प्रदेश में कहीं और कोई ऐसी घटना दोबारा न हो सके।
उत्तर प्रदेश सरकार ने किया मुआवजे का ऐलान
कासगंज हिंसा मामले में मारे गये मृतक चंदन कुमार के परिजनों के लिये उत्तर प्रदेश सरकार 20 लाख के मुआवजे का एलान किया है। लेकिन समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने योगी आदित्यनाथ सरकार से मांग करते हुए कहा है कि कासगंज साम्प्रदायिक हिंसा में मारे गये मृतक के परिजनों को राज्य सरकार 50 लाख रुपये का मुआवजा दे।
हिंसा फैलाने वालों पर लगेगा रासुका
उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह ने कहा कि कासगंज में हिंसा फैलाने वालों के खिलाफ रासुका के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एडीजी (कानून-व्यवस्था) ने कहा कि उपद्रवियों पर ड्रोन कैमरों से नजर रखी जा रही है। कासगंज में अब स्थिति नियंत्रण में है। शहर में पुलिस लगातार गश्त कर रही है।
क्या था कासगंज हिंसा मामला
गणतंत्र दिवस के दिन कासगंज में तिरंगा यात्रा के दौरान दो समुदायों में हुई हिंसक झड़प ने साम्प्रदायिक हिंसा का रूप ले लिया। 26 जनवरी को भड़के इस दंगे में एक युवक चंदन की मौत हो गई, जबकि नौशाद घायल हो गया, जिसका इलाज चल रहा है। कासगंज में चौथे दिन स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन हालात अभी भी तनाव पूर्ण हैं। कासगंज हिंसा मामले में पुलिस ने अब तक 112 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है। इनमें से 31 लोगों की गिरफ्तारी हिंसा में दर्ज मुकदमों के तहत हुई, जबकि 81 लोगों को निरोधात्मक कार्रवाई के तहत गिरफ्तार किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतक चंदन कुमार के परिजनों के लिये मुआवजे का ऐलान किया है।