UP Human Trafficking: उत्तर प्रदेश की राजधानी से राजस्थान के कोटा तक फैले एक संदिग्ध नेटवर्क की परतें खुल रही हैं। जहां मासूम बेटियों की जिंदगी को सौदे में बदला जा रहा था। तस्वीरों के आधार पर फैसले, रिश्तों की आड़ में लेन-देन और कई जिलों तक फैली गतिविधियों ने जांच एजेंसियों को भी चौंका दिया है। पुलिस अब पूरे सिंडिकेट की कड़ियां जोड़ रही है।

उत्तर प्रदेश की राजधानी के मोहनलालगंज क्षेत्र में नाबालिग लड़कियों की तस्करी से जुड़े एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया है कि यूपी के कई जिलों से गरीब और बेसहारा परिवारों की लड़कियों को बहला-फुसलाकर राजस्थान भेजा जाता था। वहां उनकी शादी के नाम पर खरीद-फरोख्त की जाती थी। मामले में तीन आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। जबकि गिरोह की मुख्य सरगना और उसके पति की तलाश जारी है।
लखनऊ की मोहनलालगंज पुलिस की जांच में लड़कियों की तस्करी से जुड़े एक संगठित नेटवर्क का खुलासा हुआ है। पुलिस के मुताबिक रायबरेली की रहने वाली प्रिया नाम की महिला इस गिरोह के लिए काम करती थी। वह लड़कियों की तस्वीरें और जानकारी राजस्थान में रहने वाली सरगना सोनम और उसके पति को भेजती थी। तस्वीरें देखने के बाद लड़कियां पसंद आने पर 1.50 से 2 लाख रुपये में सोनम, प्रिया से सौदा तय करती थी। इसके बाद लड़कियों को यहां से भेजा जाता था। वहां लड़कियों के पहुंचने पर सोनम उन्हें पांच से सात लाख रुपये में बेचती थी।
जांच में पता चला है कि गिरोह मुख्य रूप से गरीब परिवारों, भीख मांगकर गुजर-बसर करने वाले लोगों और ऐसे बच्चों को निशाना बनाता था। जिनके माता-पिता नहीं थे। पुलिस का कहना है कि यह नेटवर्क रायबरेली, लखनऊ और सुल्तानपुर समेत कई जिलों में सक्रिय था। शुरुआती जांच में 10 से 12 लड़कियों की खरीद-फरोख्त की बात सामने आई है।
मामले का खुलासा तब हुआ जब मोहनलालगंज क्षेत्र की दो नाबालिग बहनों को राजस्थान ले जाने की कोशिश की गई। दोनों अपनी नानी के साथ रहती थीं। उनकी नानी ने रिश्तेदारों पर शक होने पर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस की कार्रवाई तेज हुई। तो आरोपी लड़कियों को वापस उनके घर के पास छोड़कर फरार हो गए।
पुलिस ने इस मामले में प्रिया, उसके लिव-इन पार्टनर और एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपियों के मोबाइल फोन से कई अहम जानकारियां मिली हैं। जिनके आधार पर पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि राजस्थान पहुंचने के बाद कई लड़कियों की जबरन शादी कराई जाती थी। विरोध करने पर उन्हें मारपीट और मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ता था। एक किशोरी ने पुलिस को बताया कि उसे भी शादी के नाम पर राजस्थान ले जाया गया था। जहां उसे काफी परेशानियां झेलनी पड़ीं।
एसीपी मोहनलालगंज ज्ञानेंद्र सिंह के अनुसार गिरोह की सरगना सोनम और उसके पति की तलाश में पुलिस टीम राजस्थान भेजी गई है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा कर बाकी आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।