
ITI Admission: उत्तर प्रदेश के राजकीय और निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में सत्र 2026-27 के प्रवेश के लिए आवेदन करने वाले लाखों अभ्यर्थियों के लिए राहत भरी खबर है। व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग ने ऑनलाइन आवेदन कर चुके अभ्यर्थियों को अपने आवेदन पत्र में दर्ज संस्थान और ट्रेड (व्यवसाय) के विकल्प बदलने अथवा नए विकल्प जोड़ने का एक और अवसर दिया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह सुविधा 9 अगस्त से 12 अगस्त 2026 तक उपलब्ध रहेगी। इस अवधि में अभ्यर्थी अपनी शैक्षिक योग्यता के अनुरूप अद्यतन सीट मैट्रिक्स के आधार पर नए विकल्प चुन सकेंगे।
यह निर्णय उन छात्रों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिन्हें पहले पसंदीदा संस्थान या ट्रेड का विकल्प नहीं मिल पाया था। विभाग का मानना है कि संशोधित सीट व्यवस्था के बाद अधिक से अधिक छात्रों को उनकी पसंद के अनुसार प्रवेश दिलाने में यह कदम उपयोगी साबित होगा।
व्यावसायिक शिक्षा विभाग के विशेष सचिव एवं राज्य व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद (SCVT) के अधिशासी निदेशक अभिषेक सिंह ने बताया कि प्रदेश में आईटीआई प्रवेश की ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 11 जुलाई 2026 से चल रही है। इस दौरान भारत सरकार के डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ ट्रेनिंग (DGT) से प्राप्त डायनेमिक सीट मैट्रिक्स के अनुसार विभिन्न संस्थानों की सीटों का विवरण पोर्टल पर प्रदर्शित किया गया था।
बाद में कुछ संस्थानों द्वारा अपने एनसीवीटी (NCVT) पाठ्यक्रमों की मैपिंग में संशोधन किया गया। कुछ स्थानों पर पहले से मैप की गई यूनिटों को अनमैप किया गया, जिसके कारण उन्हें एससीवीटी पाठ्यक्रमों में परिवर्तित किया गया। वहीं कई संस्थानों ने छूटी हुई मैपिंग को पूरा किया, जिससे एनसीवीटी पाठ्यक्रमों में भी नई सीटें जुड़ गईं। इन परिवर्तनों के बाद सीटों की उपलब्धता पहले की तुलना में बढ़ गई है।
विभाग का कहना है कि अद्यतन सीट मैट्रिक्स लागू होने के बाद अब विद्यार्थियों के सामने पहले की तुलना में अधिक विकल्प उपलब्ध हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग ने सभी ऑनलाइन आवेदकों को आवेदन में संशोधन का अवसर देने का निर्णय लिया है। 9 अगस्त से 12 अगस्त तक अभ्यर्थी विभाग के आधिकारिक पोर्टल www.scvtup.in पर लॉगिन कर अपने आवेदन में दर्ज संस्थान और ट्रेड के विकल्प बदल सकते हैं। यदि कोई नया संस्थान या व्यवसाय उपलब्ध हुआ है, तो उसे भी आवेदन में जोड़ा जा सकता है। इससे छात्रों को अपनी रुचि और रोजगार की संभावनाओं के अनुरूप बेहतर विकल्प चुनने का अवसर मिलेगा।
व्यावसायिक शिक्षा विभाग ने केवल वेबसाइट पर सूचना जारी करने तक ही अपनी प्रक्रिया सीमित नहीं रखी है। विभाग द्वारा सभी पंजीकृत अभ्यर्थियों के मोबाइल नंबर पर एसएमएस भेजकर भी इस सुविधा की जानकारी दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि कई बार छात्र वेबसाइट नियमित रूप से नहीं देख पाते हैं। ऐसे में मोबाइल संदेश के माध्यम से सूचना देने का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र अभ्यर्थी इस अवसर से वंचित न रह जाए।
शिक्षा विश्लेषक अविनाश शर्मा का मानना है कि आईटीआई केवल तकनीकी प्रशिक्षण का माध्यम नहीं, बल्कि युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने का महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म है। इलेक्ट्रिशियन, फिटर, वेल्डर, कंप्यूटर ऑपरेटर, मैकेनिक, ड्राफ्ट्समैन, फैशन डिजाइनिंग, रेफ्रिजरेशन, ऑटोमोबाइल और अन्य तकनीकी ट्रेडों में प्रशिक्षित युवाओं की उद्योगों में लगातार मांग बनी हुई है। इसी कारण विभाग यह सुनिश्चित करना चाहता है कि अधिक से अधिक विद्यार्थियों को उनकी पसंद के ट्रेड और संस्थान में प्रवेश मिल सके। इससे प्रशिक्षण की गुणवत्ता और रोजगार की संभावनाएं दोनों बेहतर होंगी।
पिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश में औद्योगिक निवेश, विनिर्माण इकाइयों और एमएसएमई क्षेत्र के विस्तार के साथ कुशल तकनीकी मानव संसाधन की मांग तेजी से बढ़ी है। सरकार भी युवाओं को कौशल आधारित प्रशिक्षण देकर रोजगार योग्य बनाने पर विशेष जोर दे रही है।
आईटीआई में उपलब्ध विभिन्न ट्रेड सीधे उद्योगों की आवश्यकताओं से जुड़े हैं। ऐसे में सही ट्रेड का चयन छात्रों के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि आवेदन में संशोधन की सुविधा छात्रों को अपने करियर की दिशा बेहतर ढंग से तय करने का अवसर प्रदान करेगी।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह सुविधा केवल निर्धारित अवधि 9 अगस्त से 12 अगस्त 2026 तक ही उपलब्ध रहेगी। इसके बाद पोर्टल पर संशोधन की अनुमति नहीं होगी। इसलिए सभी अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे अंतिम समय का इंतजार न करें और समय रहते अपने आवेदन की समीक्षा कर आवश्यक बदलाव कर लें। यदि किसी छात्र को पहले पसंदीदा संस्थान नहीं मिला था या अब नई सीट उपलब्ध हुई है, तो वह संशोधित विकल्पों का लाभ उठाकर प्रवेश की संभावना बढ़ा सकता है।
व्यावसायिक शिक्षा विभाग का कहना है कि पूरी प्रवेश प्रक्रिया ऑनलाइन और पारदर्शी तरीके से संचालित की जा रही है। सीट आवंटन पूरी तरह अभ्यर्थी की योग्यता, वरीयता और उपलब्ध सीटों के आधार पर किया जाएगा। किसी भी प्रकार की मानवीय हस्तक्षेप की संभावना को न्यूनतम रखने के लिए डिजिटल प्रणाली अपनाई गई है।
विभाग ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी पर ही भरोसा करें और किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक सूचना से बचें। यदि किसी प्रकार की समस्या आती है, तो विभागीय हेल्पलाइन और संबंधित आईटीआई संस्थानों से संपर्क किया जा सकता है।