
अखिलेश यादव और अनिल राजभर। फोटो सोर्स-IANS
Anil Rajbhar On Akhilesh Yadav:समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की PDA रथयात्रा को लेकर उत्तर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। रायबरेली में रथयात्रा से पहले जगह-जगह लगाए गए पोस्टर और होर्डिंग चर्चा का विषय बने हुए हैं। इन पोस्टर्स में अखिलेश यादव को भगवान राम और भगवान कृष्ण के रूप में दिखाया गया है। पोस्टर्स को लेकर अब सत्तारूढ़ BJP और समाजवादी पार्टी के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश के मंत्री अनिल राजभर ने अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि सपा को प्रदेश की जनता के सामने स्पष्ट करना चाहिए कि वह PDA के तौर पर किसे बता रही है।
अनिल राजभर ने कहा कि समाजवादी पार्टी अभी तक PDA को स्पष्ट रूप से परिभाषित नहीं कर पाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी अपना चोला बदलकर जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि जनता समाजवादी पार्टी को अच्छी तरह जानती और पहचानती है। अनिल राजभर ने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में सपा की दाल नहीं गलने वाली है।
अखिलेश यादव की PDA रथयात्रा को लेकर भी अनिल राजभर ने टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि इस यात्रा का कोई महत्व नहीं है और चुनाव नजदीक होने के कारण समाजवादी पार्टी कुछ न कुछ गतिविधि कर रही है। मंत्री ने कहा कि समाजवादी पार्टी को आने वाले चुनाव में अपने प्रदर्शन का अंदाजा है और वह सिर्फ समय बिताने के लिए इस तरह के कार्यक्रम कर रही है।
भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने भी अखिलेश यादव के भगवान राम और हनुमान से जुड़े पोस्टर्स पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने कभी भगवान श्रीराम के अस्तित्व पर सवाल उठाए, उनके पोस्टर्स में अब राम के अवतार के तौर पर दिखाया जाना विरोधाभास है।उन्होंने अखिलेश यादव की तुलना भगवान राम और हनुमान से किए जाने को गलत बताया।
भाजपा के पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक वाजपेयी ने भी रायबरेली में लगाए गए पोस्टर्स पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि PDA के नाम पर समाजवादी पार्टी का रुख बदल रहा है और पोस्टर्स के जरिए इसे दिखाने की कोशिश की जा रही है।
अशोक वाजपेयी ने कहा कि केवल पोस्टर पर किसी की तस्वीर भगवान राम या भगवान कृष्ण के रूप में लगा देने से कोई राम या कृष्ण नहीं बन जाता। इसके लिए श्रद्धा भी जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता PDA के नाम पर किए जा रहे दावों को समझती है। अशोक वाजपेयी ने दावा किया कि प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपा की सरकार दोबारा बनने जा रही है।
अखिलेश यादव की PDA रथयात्रा से पहले रायबरेली में लगे पोस्टर्स ने राजनीतिक बयानबाजी को और तेज कर दिया है। एक ओर सपा समर्थकों की ओर से अखिलेश यादव को धार्मिक प्रतीकों के साथ पेश करने वाले पोस्टर लगाए गए हैं, वहीं दूसरी ओर विरोधी पोस्टर्स और नेताओं के बयानों के जरिए सपा पर निशाना साधा जा रहा है। ऐसे में अखिलेश यादव की रायबरेली यात्रा के साथ ही पोस्टर वार भी उत्तर प्रदेश की राजनीति में चर्चा का प्रमुख मुद्दा बन गया है।
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Updated on:
24 Sept 2026 02:13 pm
Published on:
24 Sept 2026 01:45 pm
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