
प्रतीकात्मक तस्वीर। सोर्स-Ai
UP E Challan Online Challenge: उत्तर प्रदेशमें ई-चालान को लेकर वाहन मालिकों के लिए नई सुविधा शुरू की गई है। अब गलत चालान कटने, दोपहिया वाहन के नंबर पर चार पहिया वाहन का चालान होने या घर पर वाहन खड़ा होने के बावजूद किसी दूसरी जगह का चालान आने जैसी शिकायतों के लिए वाहन मालिकों को RTO कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। परिवहन विभाग ने बुधवार आधी रात से नेक्स्ट जेन ई-चालान App में चालान को ऑनलाइन चुनौती देने की सुविधा शुरू कर दी है।
अब तक ई-चालान में किसी तरह की गलती होने पर वाहन मालिकों को शिकायत लेकर परिवहन विभाग के कार्यालय जाना पड़ता था। नई व्यवस्था लागू होने के बाद यह प्रक्रिया ऑनलाइन हो गई है। अगर किसी वाहन मालिक को लगता है कि उसके वाहन का गलत चालान किया गया है, तो वह चालान जारी होने के 45 दिन के भीतर नेक्स्ट जेन ई-चालान App के नए फीचर के जरिए अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। शिकायत मिलने के बाद उसे 30 दिन के भीतर निस्तारित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए चालानों से जुड़ी शिकायतों के निस्तारण की जिम्मेदारी शिकायत निवारण अधिकारियों यानी GRO को दी गई है।
| सवाल | जवाब |
|---|---|
| कितने दिन के भीतर चालान को चुनौती दी जा सकती है? | चालान होने के 45 दिन के भीतर घर बैठे शिकायत दर्ज कराई जा सकेगी। |
| किस App के जरिए चालान को चुनौती दी जा सकती है? | नेक्स्ट जेन ई-चालान ऐप में जोड़े गए नए फीचर के जरिए शिकायत दर्ज की जा सकेगी। |
| कितने दिन में शिकायत का निस्तारण होगा? | शिकायत का निस्तारण 30 दिन के भीतर किया जाएगा। |
| अगर वाहन मालिक को चालान को लेकर कोई शिकायत नहीं है तो कितने दिन में भुगतान करना होगा? | चालान का भुगतान 75 दिन के भीतर करना होगा। |
परिवहन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, अगर वाहन मालिक को चालान को लेकर कोई आपत्ति नहीं है तो उसे 75 दिन के भीतर चालान की राशि जमा करनी होगी। वहीं, यदि वाहन मालिक चालान को चुनौती देता है और फैसला उसके खिलाफ आता है, तो उसे चालान जारी होने की तारीख से चार महीने के भीतर संबंधित राशि जमा करनी होगी। इसके अलावा वाहन मालिक 50 प्रतिशत राशि जमा कर न्यायालय में अपील भी कर सकता है।
चालान का समय पर भुगतान नहीं करने पर वाहन मालिक को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ऐसी स्थिति में वाहन से संबंधित RTO के कई काम ब्लॉक कर दिए जाएंगे। इसके बाद वाहन के फिटनेस, ट्रांसफर और नवीनीकरण जैसे काम नहीं हो पाएंगे। नई व्यवस्था का उद्देश्य चालान के निस्तारण की प्रक्रिया को समयबद्ध करना और लंबित मामलों को कम करना है।
प्रदेश में ई-चालान की पुरानी व्यवस्था बुधवार रात से बंद कर दी गई है। पुरानी व्यवस्था में लंबित काम को पूरा करने और नए सिस्टम में डेटा ट्रांसफर करने के लिए यह बदलाव किया गया है। यातायात निदेशालय की ओर से सभी पुलिस अधिकारियों को न्यायालय और लोक अदालत की रसीदें अपलोड करने के निर्देश दिए गए थे। अधिकारियों के मुताबिक, बुधवार रात तक संबंधित डाटा फीड कर लिया गया। अब पुरानी ई-चालान व्यवस्था में मौजूद लंबित आंकड़ों को नई व्यवस्था में स्थानांतरित करने का काम किया जा रहा है। इस प्रक्रिया में लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर यानी NIC ने नेक्स्ट जेन ई-चालान App को अपडेट किया है। फिलहाल NIC के अधिकारी पुराने डाटा को नई व्यवस्था में माइग्रेट करने में जुटे हैं। डाटा माइग्रेशन की वजह से शुक्रवार तक पुराने चालानों की राशि एप के जरिए जमा नहीं की जा सकेगी। अगले दो दिनों तक पुराना डाटा पोर्टल पर भी दिखाई नहीं देगा।
परिवहन विभाग के मुताबिक, नई व्यवस्था से चालानों के निस्तारण की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और समयबद्ध होने की उम्मीद है। साथ ही इससे विभाग के राजस्व में भी सुधार होगा। RTO प्रवर्तन के प्रभात पांडेय के मुताबिक, नई व्यवस्था बुधवार आधी रात से लागू हो गई है। हालांकि, डाटा माइग्रेशन के कारण शुक्रवार तक पुराने चालानों का भुगतान App के जरिए नहीं हो सकेगा।
Updated on:
24 Sept 2026 01:15 pm
Published on:
24 Sept 2026 01:15 pm
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