UP Kukut Palan Yojana: नौकरी की टेंशन छोड़िए! उत्तर प्रदेश सरकार मुर्गी पालन के लिए दे रही है रूपये 70 लाख तक का लोन। साथ ही ब्याज में 7% की भारी छूट और स्टांप ड्यूटी भी माफ। जानिए पूरी योजना और कैसे करें अप्लाई।
UP Kukut Palan Karj Yojana: उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं, किसानों और पशुपालकों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 'उत्तर प्रदेश कुकुट पालन कर्ज योजना' लेकर आई है। इस योजना के तहत नया रोजगार शुरू करने के लिए बैंकों से लाखों रुपये का लोन दिलाया जा रहा है, ताकि आप अपने ही गांव-घर में रहकर हर महीने मोटी कमाई कर सकें। आइए जानते हैं कि इस योजना का लाभ आप कैसे उठा सकते हैं, सरकार से कितनी मदद मिलेगी और इसके लिए कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी हैं।
इस योजना के तहत कोई भी व्यक्ति 10 हजार या उससे ज्यादा मुर्गियों वाला पोल्ट्री फार्म खोल सकता है। जिसमेें 10 हजार मुर्गियों का बड़ा फार्म तैयार करने में करीब 99.53 लाख का कुल खर्च आता है। अब इतना पैसा हर किसी के पास नहीं होता, इसीलिए सरकार इसमें से 70 लाख तक का लोन बैंक से दिलवाती है। बाकी बची हुई रकम ही बस आपको अपनी जेब से लगानी होती है।
इस योजना की सबसे बढ़िया बात यह है कि लोन के ब्याज पर लगने वाले 7% तक का खर्च खुद सरकार उठाएगी। अगर बैंक की ब्याज दर 7% से ज्यादा होगी, तभी बची हुई थोड़ी सी रकम आपको देनी होगी। साथ ही अगर आपके पास जमीन नहीं है और आप फार्म खोलने के लिए जमीन खरीद रहे हैं, तो उस पर लगने वाली स्टांप ड्यूटी भी पशुपालन विभाग द्वारा वहन किया जाता है।
यूपी सरकार ने इस योजना के नियम बहुत आसान रखे हैं। योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना जरूरी है। साथ ही आपके पास फार्म बनाने के लिए कम से कम 1 से 3 एकड़ तक की जमीन होनी चाहिए।
अगर आप इस योजना के लिए अप्लाई करना चाहते हैं, तो आपके पास ये जरूरी दस्तावेज होने चाहिए। पहचान पत्र के तौर पर आप अपना वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड या पासपोर्ट इस्तेमाल कर सकते हैं। एड्रेस प्रूफ के लिए बिजली या पानी का बिल, राशन कार्ड या किराएनामा चल जाएगा। इसके अलावा आपको अपने पास पासपोर्ट साइज फोटो, बैंक स्टेटमेंट की कॉपी, एक गारंटर होना चाहिए। एक प्रोजेक्ट रिपोर्ट भी जमा करनी होगी, जिसमें बिजनेस की लागत और कमाई का पूरा ब्योरा देना होता है। ध्यान रहे कि सरकारी नियमों के अनुसार सही वेरिफिकेशन के लिए आपके सभी कागजात एकदम सही होने चाहिए।
इस योजना का लाभ उठाने के लिए आपको ऑनलाइन चक्कर काटने की जरूरत नहीं है, इसकी प्रक्रिया पूरी तरह ऑफलाइन है। इसके लिए आपको अपने जिले के विकास भवन में स्थित पशुपालन विभाग के ऑफिस जाना होगा। वहां मौजूद अधिकारी आपको आवेदन फॉर्म देंगे और प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाने से लेकर बैंक से लोन पास कराने तक की पूरी प्रक्रिया में आपकी मदद करेंगे। योजना के बारे में और ज्यादा जानने के लिए आप विभाग की आधिकारिक वेबसाइट भी देख सकते हैं।
फतेहपुर के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी बताते हैं कि यूपी में अंडों की मांग बहुत ज्यादा है, जिसे हम अपनी लोकल पैदावार से पूरा नहीं कर पा रहे हैं। उत्तर प्रदेश में आज भी अंडों की भारी डिमांड है, जिसके चलते आज भी दक्षिण भारत के राज्यों से अंडे मंगाने पड़ते हैं। ऐसे में अगर यूपी के लोग और युवा इस बिजनेस में आगे आते हैं, तो उन्हें ग्राहकों की कोई कमी नहीं मिलेगी और वे बहुत कम समय में अच्छा मुनाफा कमाने लगेंगे।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि मुर्गी पालन में अगर कुछ बातों का ध्यान रखा जाए तो घाटा कभी नहीं होता। सबसे पहली बात यह कि मुर्गियों का शेड (घर) हमेशा थोड़ी ऊंचाई पर बनाएं ताकि बारिश का पानी वहां जमा न हो। शेड का फर्श जमीन से कम से कम 10 इंच ऊंचा और पक्का होना चाहिए, जिससे सांप और चूहों से मुर्गियों का बचाव हो सके। शेड की दीवारें हवादार होनी चाहिए और छत को फूस या मजबूत छप्पर से ढका जा सकता है। इसके अलावा दाने-पानी के बर्तन, अंडों के बॉक्स, बिजली-रोशनी और मुर्गियों की दवाइयों व टीकों का इंतजाम पहले से करके रखना चाहिए।