
PM Surya Ghar Yojana: उत्तर प्रदेश ने नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत देश में सबसे आगे स्थान बना लिया है। राज्य देश का पहला ऐसा प्रदेश बन गया है, जहां इस योजना के तहत सबसे अधिक कनेक्शन दिए गए हैं। मार्च महीने में ही प्रदेश में 52,729 सोलर रूफटॉप इंस्टॉल किए गए, जो इस योजना की सफलता और सरकार की सक्रियता को दर्शाता है।
ऊर्जा के पारंपरिक स्रोतों पर निर्भरता कम करने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से केंद्र और राज्य सरकारें सोलर ऊर्जा को प्रोत्साहित कर रही हैं। इसी दिशा में प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में उभरी है। उत्तर प्रदेश ने इस योजना को तेजी से लागू करते हुए पूरे देश में उदाहरण प्रस्तुत किया है।
मार्च 2026 के दौरान प्रदेश के विभिन्न जिलों में बड़े पैमाने पर सोलर रूफटॉप लगाए गए। राजधानी लखनऊ इस सूची में सबसे आगे रहा, जहां 7,684 सोलर रूफटॉप इंस्टॉल किए गए। इसके अलावा:
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि शहरी क्षेत्रों में सोलर ऊर्जा को लेकर जागरूकता और अपनाने की गति तेजी से बढ़ रही है।
प्रदेश के 12 जिलों में 1000 से अधिक सोलर पैनल लगाए गए हैं, जो इस योजना की व्यापक पहुंच को दर्शाता है। इनमें आगरा, प्रयागराज, झांसी, रायबरेली, शाहजहांपुर, सहारनपुर, अलीगढ़ और गोरखपुर जैसे प्रमुख जिले शामिल हैं। इन जिलों में सोलर ऊर्जा को लेकर लोगों की बढ़ती रुचि और सरकारी योजनाओं का प्रभाव साफ नजर आ रहा है।
यूपी नेडा के निदेशक आईएएस इंद्रजीत सिंह ने बताया कि प्रदेश में सोलर ऊर्जा को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण में मददगार है, बल्कि इससे ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में भी बड़ा कदम उठाया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि सोलर रूफटॉप इंस्टॉलेशन से कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग बढ़ेगा, जिससे आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर पर्यावरण सुनिश्चित किया जा सकेगा।
सोलर ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से बढ़ती गतिविधियों के कारण रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो रहे हैं। इंस्टॉलेशन, मेंटेनेंस और तकनीकी सेवाओं के लिए बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार मिल रहा है। आईएएस इंद्रजीत सिंह के अनुसार, यह योजना न केवल ऊर्जा क्षेत्र में बदलाव ला रही है, बल्कि आर्थिक रूप से भी लोगों को सशक्त बना रही है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में सोलर पैनल लगाने का काम तेजी से बढ़ रहा है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन हो रहा है।
सोलर रूफटॉप योजना के तहत आम नागरिकों को भी सीधा लाभ मिल रहा है। इससे बिजली बिल में कमी आ रही है और लोग अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए आत्मनिर्भर बन रहे हैं। सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी के कारण सोलर पैनल लगवाना अब पहले से अधिक आसान और किफायती हो गया है। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में और अधिक घरों, संस्थानों और उद्योगों को सोलर ऊर्जा से जोड़ा जाए। इसके लिए जागरूकता अभियान और तकनीकी सहायता को और मजबूत किया जा रहा है।