
Clean Market-Good Market Campaign 2026: उत्तर प्रदेश की कृषि उत्पादन मंडियों में साफ-सफाई की व्यवस्था को बेहतर बनाने और किसानों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद ने विशेष अभियान चलाने की तैयारी की है। ‘स्वच्छ मंडी-शुभ मंडी अभियान-2026’ के तहत अक्टूबर माह में प्रदेश की सभी मंडियों और उपमंडी स्थलों पर व्यापक स्तर पर सफाई कार्य कराया जाएगा। अभियान का मुख्य उद्देश्य मंडी परिसरों को स्वच्छ रखना, कूड़े का उचित निस्तारण सुनिश्चित करना, नालियों की सफाई कराना और जलभराव की समस्या को दूर करना है। इसके साथ ही शौचालयों, नीलामी चबूतरों, दुकानों, कार्यालय भवनों और किसान विश्राम गृहों की साफ-सफाई पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के निदेशक जितेंद्र प्रताप सिंह ने इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। अभियान के तहत मंडी समितियों को अपने परिसरों की सफाई व्यवस्था को व्यवस्थित करने और नियमित निगरानी के साथ काम कराने पर जोर दिया गया है। प्रयास है कि मंडियों में आने वाले किसानों, व्यापारियों और अन्य लोगों को साफ-सुथरा वातावरण मिले तथा कृषि उत्पादों की खरीद-बिक्री के दौरान उन्हें गंदगी और अव्यवस्था का सामना न करना पड़े।
‘स्वच्छ मंडी-शुभ मंडी अभियान-2026’ के अंतर्गत प्रदेश की मंडियों में विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए मंडी समितियों के अनुबंधित सफाई ठेकेदारों को अपने सभी सफाई कर्मचारियों को काम में लगाने के निर्देश दिए गए हैं। मंडी परिसरों के अलग-अलग हिस्सों में सफाई कराते हुए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी क्षेत्र उपेक्षित न रहे। कूड़ा जमा होने वाले स्थानों, नालियों, जलभराव वाले हिस्सों और सार्वजनिक उपयोग की जगहों को प्राथमिकता के आधार पर साफ कराया जाएगा।
अभियान के दौरान सफाई कार्य को केवल ऊपरी स्तर तक सीमित रखने के बजाय उन स्थानों पर भी ध्यान दिया जाएगा, जहां लंबे समय से कूड़ा जमा होने या पानी रुकने की समस्या बनी रहती है। नालियों में फंसे अपशिष्ट को हटाने और पानी की निकासी सुचारु रखने के निर्देश दिए गए हैं। इससे मंडी परिसर में गंदगी के जमाव को कम करने और स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
अक्टूबर का महीना कृषि मंडियों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दौरान धान और अन्य कृषि उत्पादों की आवक बढ़ने के साथ ही खरीद-बिक्री गतिविधियों में तेजी रहती है। आगामी त्योहारों के कारण भी मंडियों में लोगों और वाहनों की आवाजाही बढ़ सकती है। ऐसे में सफाई के साथ यातायात और परिवहन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना भी अभियान का अहम हिस्सा होगा।
मंडी परिसरों में किसानों और व्यापारियों के वाहनों की आवाजाही के दौरान अव्यवस्था न हो, इसके लिए आवागमन वाले स्थानों को व्यवस्थित रखने पर जोर दिया गया है। कूड़े या अनुपयोगी सामग्री के कारण रास्तों में बाधा न आए और मंडी के प्रमुख हिस्सों तक पहुंचने में परेशानी न हो, इसके लिए सफाई व्यवस्था को परिवहन प्रबंधन के साथ जोड़कर देखा जा रहा है। धान की आवक के दौरान मंडियों में कामकाज प्रभावित न हो, इसके लिए साफ-सफाई और यातायात संबंधी व्यवस्थाओं को समय रहते दुरुस्त करना जरूरी होगा।
मंडी परिसरों में नीलामी चबूतरे कृषि उत्पादों की खरीद-बिक्री के प्रमुख केंद्र होते हैं। यहां किसानों, व्यापारियों और श्रमिकों की नियमित आवाजाही रहती है। इसे देखते हुए नीलामी चबूतरों और उनसे जुड़ी संरचनाओं की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। चबूतरों के आसपास की नालियों में जमा कूड़े को हटाया जाएगा, ताकि पानी की निकासी बाधित न हो और गंदगी का जमाव कम किया जा सके।
दुकानों और अन्य व्यावसायिक स्थानों के आसपास भी सफाई कराई जाएगी। जिन स्थानों पर नमी बनी रहती है या पानी जमा होने की आशंका होती है, वहां कूड़ा हटाने के बाद निर्धारित निर्देशों के अनुसार चूना पाउडर अथवा गैमक्सीन का छिड़काव कराया जाएगा। इन कार्यों के दौरान संबंधित निर्देशों और सुरक्षा मानकों का पालन करना आवश्यक होगा, ताकि सफाई कर्मियों, किसानों, व्यापारियों और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
मंडी में आने वाले किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए शौचालयों, प्रसाधनों और यूरिनल की सफाई पर भी जोर दिया गया है। इन स्थानों पर नियमित साफ-सफाई के साथ जलापूर्ति और जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। शौचालयों के आसपास पानी जमा होने वाले स्थानों की पहचान कर उनकी सफाई कराई जाएगी। जरूरत के अनुसार निर्धारित प्रक्रिया के तहत चूने का छिड़काव भी कराया जाएगा।
किसान विश्राम गृहों और कार्यालय भवनों की सफाई तथा आवश्यक साज-सज्जा पर भी ध्यान दिया जाएगा। मंडियों में दूर-दराज से आने वाले किसान अपनी उपज बेचने और अन्य कार्यों के लिए समय बिताते हैं। ऐसे में विश्राम गृहों की साफ-सफाई और बुनियादी सुविधाओं का व्यवस्थित रहना महत्वपूर्ण है। अभियान के माध्यम से इन स्थानों की स्थिति सुधारने और सार्वजनिक सुविधाओं को बेहतर बनाए रखने का प्रयास किया जाएगा।
मंडी परिसरों में जहां नए निर्माण, विद्युत कार्य या मरम्मत संबंधी गतिविधियां चल रही हैं, उन स्थलों को अलग से चिह्नित करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्माण या मरम्मत के बाद बची अनुपयोगी सामग्री और मलबे को अभियान के दौरान हटवाया जाएगा। इससे मंडी परिसर में अनावश्यक अवरोध कम करने और रास्तों को साफ रखने में मदद मिलेगी। निर्माण स्थलों पर बिखरी सामग्री न केवल आवागमन में बाधा बन सकती है, बल्कि सफाई व्यवस्था को भी प्रभावित करती है। इसलिए ऐसे स्थानों की पहचान कर वहां से मलबा हटाना अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। संबंधित मंडी समितियों को परिसर के प्रत्येक हिस्से की स्थिति पर ध्यान देने और सफाई कार्य को व्यवस्थित तरीके से पूरा कराने पर जोर दिया गया है।
‘स्वच्छ मंडी-शुभ मंडी अभियान-2026’ का उद्देश्य केवल विशेष अवधि में सफाई कराना नहीं, बल्कि मंडियों में स्वच्छता और बेहतर व्यवस्थाओं को प्राथमिकता देना भी है। किसानों के लिए मंडी परिसर का साफ-सुथरा होना, नालियों की नियमित सफाई, जल निकासी, शौचालयों की उपलब्धता और सुचारु यातायात व्यवस्था दैनिक कामकाज को आसान बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
प्रदेश की सभी मंडियों और उपमंडी स्थलों पर अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए सफाई कर्मियों की तैनाती और निर्धारित कार्यों की निगरानी महत्वपूर्ण होगी। यदि इन व्यवस्थाओं को नियमित रूप से बनाए रखा जाता है, तो मंडियों में गंदगी और जलभराव की समस्या को कम करने में मदद मिल सकती है। मंडी परिषद के निर्देशों के तहत अब अभियान के दौरान सफाई, कूड़ा निस्तारण और बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था सुधारने पर विशेष जोर रहेगा।