UP Police reel controversy 2026 : यूपी पुलिस में वर्दी पहनकर रील बनाने वालों पर STF चीफ अमिताभ यश ने बड़ी सख्ती दिखाई है। अब हर महीने कप्तानों को रीलबाज पुलिसकर्मियों की रिपोर्ट मुख्यालय भेजनी होगी।
लखनऊ(UP Police reel controversy 2026) : उत्तर प्रदेश पुलिस में सोशल मीडिया पर रील बनाने की होड़ थमने का नाम नहीं ले रही है। बड़े-बड़े अफसरों की बार-बार चेतावनी के बावजूद जवान और अधिकारी वर्दी में फिल्मी स्टाइल की रील्स बनाते नजर आ रहे हैं। अब एसटीएफ चीफ और अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) अमिताभ यश ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट चेतावनी जारी की है कि रीलबाज पुलिसकर्मियों को बख्शा नहीं जाएगा।
शनिवार को जारी आदेश में अमिताभ यश ने कहा कि पुलिस की गरिमा और छवि को नुकसान पहुंचाने वाले ऐसे कर्मचारियों की पहचान कर तुरंत विभागीय कार्रवाई की जाए।
यूपी पुलिस ने 8 फरवरी 2023 को सोशल मीडिया पॉलिसी जारी की थी, जिसमें ड्यूटी के दौरान सोशल मीडिया इस्तेमाल, वर्दी में रील बनाना, लाइव प्रसारण और पुलिस की छवि खराब करने वाले कंटेंट को सख्ती से प्रतिबंधित किया गया था। इसके बावजूद उल्लंघन जारी हैं।
मुजफ्फरनगर में महज चार दिन पहले रील बनाने के आरोप में एक दरोगा और एक कॉन्स्टेबल को सस्पेंड किया गया था। यह घटना इस बात का सबूत है कि समस्या बढ़ती जा रही है।
साल 2025 में यूपी पुलिस ने करीब 60,000 नए सिपाहियों की भर्ती की थी, जिनमें ज्यादातर 18-25 साल के युवा शामिल हैं। ये नए जवान सोशल मीडिया पर बेहद सक्रिय हैं। उनकी रील्स में फिल्मी गानों पर लिप-सिंक, ‘सिंघम’ स्टाइल डायलॉग, ड्रिल को ड्रामेटिक अंदाज में दिखाना, वर्दी में जुलूस और भावुक विदाई वाले सीन आम हैं। कई ने अपने यूजरनेम में COP या UP Police जोड़ लिया है।
पूर्व डीजीपी डॉ. विक्रम सिंह कहते हैं, 'अगर यही ट्रेंड रहा तो पुलिसिंग को भारी नुकसान होगा। पुलिसिंग कोई शो-ऑफ नहीं, बल्कि तपस्या है। वर्दी का इस्तेमाल सोशल मीडिया पर वर्जित है। जिम्मेदार अफसरों को नए रंगरूटों को इसके नुकसान से अवगत कराना चाहिए और पुराने कर्मचारियों पर भी अंकुश लगाना चाहिए।'
पुलिस आचरण नियमावली के अनुसार, पुलिसकर्मी सोशल मीडिया से कोई कमाई (रील प्रमोशन, स्पॉन्सरशिप आदि) नहीं कर सकते। लाखों फॉलोअर्स होने के बावजूद यह नियम तोड़ना गंभीर उल्लंघन माना जाएगा।
अमिताभ यश के इस सख्त आदेश के बाद यूपी पुलिस में अनुशासन बहाल करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस मुख्यालय का मानना है कि वर्दी की गरिमा बनाए रखना हर पुलिसकर्मी की जिम्मेदारी है।