UP Politics: जानिए अखिलेश यादव की पार्टी सपा और BJP का 'किला' ध्वस्त करने के लिए मायावती का 'MD' समीकरण क्या है? बड़ी बैठक के दौरान उन्होंने क्या-क्या कहा?
UP Politics: उत्तर प्रदेश में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में विपक्षी दल दोबारा सत्ता में आने के लिए एड़ी से चोटी तक का जोर लगा रहे हैं। बसपा सुप्रीमो मायावती ने मुस्लिम भाईचारा कमेटी की बैठक की। इसके अलावा कल (1 नवंबर, शनिवार) एक और बैठक प्रस्तावित है। 1 नवंबर को OBC भाईचारा कमेटी की बैठक आयोजित होने वाली है।
सियासी गलियारों में चर्चा है कि यूपी की राजनीति में BSP सुप्रीमो मायावती ने एक बार फिर 'MD' (मुस्लिम-दलित) गठजोड़ को मजबूत करने के लिए अभियान शुरू कर दिया है। मायावती ने मुस्लिम समाज से अपील की है कि वे BJP की “विध्वंसक राजनीति” का मुकाबला करने के लिए समाजवादी पार्टी और कांग्रेस की बजाय सीधे BSP को समर्थन दें। उन्होंने दावा किया कि मुस्लिम मतदाताओं का भारी समर्थन पाने के बावजूद समाजवादी पार्टी (SP) BJP को हराने में असफल रही है।
BSP सुप्रीमो मायावती ने पार्टी के 'मुस्लिम समाज भाईचारा संगठन' की खास बैठक में ये बातें कहीं। बैठक में मुस्लिम नेताओं, कार्यकर्ताओं और सभी कोऑर्डिनेटर्स को आमंत्रित किया गया था। बैठक में उन्होंने कहा कि दलितों का लगभग 20% और मुस्लिमों का 19% वोट मिलकर एक मजबूत विनिंग कॉम्बिनेशन बनाया जा सकता है। मायावती का मानना है कि मुस्लिम और दलित वोट बैंक का एकजुट होना ही चुनावी में सफलता दिला सकता है।
मायावती ने हर मंडल में 2-2 सदस्यों की मुस्लिम भाईचारा कमेटी बनाई है। जो मुस्लिम समाज में जाकर बैठक करेंगे। उन्हें पार्टी से जोड़ेंगे। साथ ही उन्हें सदस्य बनाएंगे। मायावती ने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे गांव-गांव जाकर मुस्लिम समाज के बीच पार्टी की नीतियों को समझाएं। साथ ही बताएं कि BSP ही वह राजनीतिक ताकत है जो सबको समान अवसर और सम्मान देने की गारंटी देती है।
बैठक में यह भी तय हुआ कि सभी जिलाध्यक्ष, मंडल प्रभारी और संगठन के पदाधिकारी आगामी विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान (SIR) के तहत सक्रिय भागीदारी करें। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक समर्थक का नाम मतदाता सूची में दर्ज कराया जाए। जिससे कोई भी पात्र मतदाता मतदान से वंचित न रहे।