
UP Politics: मंत्री संजय निषाद ने विपक्ष के रवैये पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यह सब सिर्फ बयानबाजी और पोस्टर चमकाने की राजनीति है। जमीन पर इसका कोई असर नहीं होने वाला। उन्होंने कहा कि राजनीति में असली फैसला जनता के हाथ में होता है। देश में वहीं होगा, जो जनता चाहेगी। आज देश की जनता विकास देख रही है और इसीलिए वह मोदी-योगी सरकार को सत्ता में लाना चाहती है।
संजय निषाद ने कहा कि सपा को पिछड़ों, दलितों और वंचितों के लिए काम करना चाहिए, जिसके लिए यह पार्टी बनी थी। उन्होंने पुराना याद दिलाते हुए आरोप लगाया कि 21 दिसंबर 2016 को जब यूपी में सपा की सरकार थी, तब इन्होंने निषाद समाज को OBC लिस्ट से बाहर कर दिया था। उन्होंने कहा कि जो पार्टी पिछड़ों के हक की बात करती है, उसने खुद ऐसा काम किया। इसीलिए आज जनता सिर्फ मोदी-योगी को लाना चाहती है और बाकी सबको हटाना चाहती है।
विपक्ष पर हमला जारी रखते हुए उन्होंने देश के कई राज्यों का नाम लिया। संजय निषाद ने कहा कि आप खुद देखिए कि बिहार, उत्तराखंड, हरियाणा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और अब असम व बंगाल में क्या हो रहा है? वहां से विपक्ष का सफाया क्यों हो रहा है? क्योंकि जनता ही अंतिम निर्णायक है और वह काम के आधार पर फैसला लेती है।
सपा को आड़े हाथों लेते हुए कैबिनेट मंत्री ने एक बड़ी सलाह भी दे डाली। उन्होंने कहा कि सपा को फिलहाल वह काम करना चाहिए जिसके लिए यह पार्टी बनी थी। उन्हें जनता के बीच जाकर उनके मुद्दों पर काम करना चाहिए। जब वे ऐसा करेंगे, तब शायद वे भविष्य के बारे में फिर से सोच पाने की स्थिति में होंगे। फिलहाल तो जनता उन्हें नकारने का मन बना चुकी है।
बता दें कि इससे पहले एक कार्यक्रम के सिलसिले में कानपुर देहात पहुंचे मंत्री संजय निषाद ने अखिलेश यादव की बेटी पर की गई टिपण्णी वाले विवाद पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने साफ शब्दों में कहा था कि राजनीति अपनी जगह है और बेटियों का सम्मान अपनी जगह। राजनीतिक सोच अलग होना लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि किसी की बेटी को निशाना बनाया जाए। संजय निषाद ने आगे कहा था कि अखिलेश यादव की बेटी इस देश की बेटी है और हमारी संस्कृति में हर बेटी का स्थान सबसे ऊपर है।