
Uttar Pradesh Sugar Prices: उत्तर प्रदेश में बढ़ती चीनी की कीमतों के बीच अब लोगों को राहत मिलती दिख रही है। योगी सरकार की सख्ती और चीनी मिलों व स्टॉकिस्टों के यहां जांच के बाद थोक बाजार में दो दिनों के भीतर चीनी के भाव 200 से 300 रुपये प्रति क्विंटल तक गिर गए। इसका असर फुटकर बाजार में भी नजर आया और कीमतों में करीब 2 से 3 रुपये प्रति किलो की कमी हुई। सरकार का कहना है कि प्रदेश में चीनी की कोई कमी नहीं है और नए पेराई सत्र तक पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।
चीनी की बढ़ती कीमतों को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने चीनी मिलों और स्टॉक रखने वाले कारोबारियों पर निगरानी बढ़ा दी। जांच अभियान शुरू होने के बाद दो दिनों में ही प्रदेश में चीनी के थोक दाम 200 से 300 रुपये प्रति क्विंटल तक कम हो गए। इसका असर बाजार पर भी दिखा और चीनी के रेट में करीब 2 से 3 रुपये प्रति किलो की गिरावट दर्ज की गई। अधिकारियों का कहना है कि सरकार की सख्ती के बाद जमाखोरी और अनावश्यक मुनाफाखोरी पर रोक लगाने में मदद मिली है।
करीब एक महीने पहले महाराष्ट्र में चीनी की कमी की स्थिति बनने लगी थी। जानकारी के अनुसार इसके बाद महाराष्ट्र और कोलकाता के बड़े स्टॉकिस्ट और डीलरों ने उत्तर प्रदेश की मिलों से बड़ी मात्रा में चीनी खरीदना शुरू कर दिया। बढ़ी मांग के कारण चीनी मिलों में भी कीमतें ऊपर जाने लगीं। बड़े खरीदारों ने 4000 से 5000 रुपये प्रति क्विंटल तक के रेट पर खरीद के टेंडर लगाए। अचानक बढ़ी मांग के चलते बाजार में चीनी की कीमतों में तेजी आई। 22 अगस्त को जिन मिलों में चीनी का भाव करीब 5100 रुपये प्रति क्विंटल था, वह अगले दिन यानी 23 अगस्त तक घटकर लगभग 4800 रुपये प्रति क्विंटल रह गया।
मिल से ग्राहक तक पहुंचने के दौरान चीनी के दाम में करीब 5 से 6 रुपये प्रति किलो का अंतर आता है। लेकिन पिछले एक महीने में कुछ मिलों ने 600 से 700 रुपये प्रति क्विंटल तक अतिरिक्त कमाई की। वहीं, कुछ बिचौलियों पर 1000 से 1500 रुपये प्रति क्विंटल तक मुनाफा कमाने का आरोप लगा। इसी वजह से सरकार ने स्टॉक और बिक्री व्यवस्था पर नजर बढ़ाई है।
चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग के अनुसार प्रदेश की चीनी मिलों में करीब 180 लाख क्विंटल चीनी का स्टॉक मौजूद है। प्रदेश में हर महीने करीब 40 लाख क्विंटल चीनी की खपत होती है। विभाग का कहना है कि नवंबर में शुरू होने वाले नए पेराई सत्र तक प्रदेश में चीनी की कोई कमी नहीं होगी। नई पेराई शुरू होने के बाद उत्पादन भी बढ़ जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश 140 करोड़ देशवासियों की जरूरत पूरी करने की क्षमता रखता है। उन्होंने कहा कि यूपी में चीनी की कोई कमी नहीं है। यूपी में एक महीने की कुल खपत 4 लाख टन चीनी है और हमारे पास 28 लाख टन चीनी (7 महीने की चीनी) मौजूद है। 15 अक्टूबर से चीनी मिलें प्रारंभ होगी तो 90 लाख टन चीनी का और उत्पादन हो जाएगा। सरकार का कहना है कि आने वाले समय में चीनी की कीमतें और नियंत्रित होंगी। वहीं, बाजार पर नजर रखने के लिए जांच और निगरानी जारी रहेगी।