
भाजपा नेता नूपुर शर्मा द्वारा पैगंबर पर टिप्पणी के विरोध शुक्रवार जुमे की नमाज के बाद जमकर विरोध प्रदर्शन और हिंसा हुई। उत्तर प्रदेश के करीब 10 जिलों में जमकर नारेबाजी के साथ पथराव और कई जगहों पर आगजनी हुई। कानपुर हिंसा के बाद पूरे प्रदेश में अलर्ट होने के बावजूद भी हिंसा अनक नहीं हुई। पुलिस जांच के मुताबिक मानना है कि हिंसा पहले प्लान कर ली गई थी। नमाज के बाद अचानक पेट्रोल, बम और आग की तैयारी पूर्व नियोजित थी। सीएम के आदेशों के बाद प्रयागराज, सहारनपुर, देवबंद, हाथरस और अंबेडकरनगर में हिंसक प्रदर्शन करने वाले 136 लोगों की गिरफ्तारी की है।
बच्चों और युवाओं को बनाया निशाना
प्राथमिक जांच के आधार पर पुलिस के अनुसार पथराव, तोड़फोड़ और आगजनी देखकर यह साफ है कि बवाल की रूपरेखा पहले से तैयार थी। यही वजह रही कि हमलावर न सिर्फ ईंट-पत्थर बल्कि पेट्रोल व बम लेकर आए। जुमे की नमाज के ठीक बाद बवाल होने से यह भी माना जा रहा है कि जानबूझकर साजिशन इस दिन को चुना गया। साजिशकर्ता ने घटना में युवा और बच्चों को निशाना बनाया। जुमे की नमाज के लिए मस्जिदों में बड़ी संख्या में जुटे लोगों का फायदा उठाया।
उपद्रवियों ने की आगजनी
पुलिस की कार्रवाई से भड़की भीड़ में शामिल कुछ उपद्रवियों ने वाहनों में तोड़फोड़ शुरू कर दी। इस दौरान पुलिस प्रशासन के वाहनों के साथ ही निजी वाहनों पर भी पत्थर बरसाए गए। प्रयागराज के नूरुल्लाह रोड पर खड़े कई वाहनों को तोड़फोड़ के बाद नाली में धकेल दिया गया। इसी दौरान कुछ नकाबपोश हमलावरों ने आगजनी शुरू कर दी। इस दौरान सबसे पहले पेट्रोल छिड़ककर मुस्तफा कॉम्पलेक्स के पास खड़ी एक बाइक फूंक दी गई। इसी तरह सहारनपुर में आगजनी हुई।
अब तक प्रदेश में 136 गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश में हिंसक घटनाओं को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ ने सभी असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इन घटनाओं में पुलिस ने सहारनपुर से 45, प्रयागराज से 37, हाथरस से 20, अंबेडकरनगर से 23 मुरादाबाद से सात और फिरोजाबाद से चार असामाजिक तत्वों को गिरफ्तार किया है। एडीजी (कानून व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने बताया कि सहारनपुर, प्रयागराज समेत प्रदेश के छह जिलों में उपद्रव करने वाले 136 लोगों को अब तक गिरफ्तार किया गया है।