
UP Monsoon Update: उत्तर प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट ले रहा है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कमजोर पड़ने के बाद प्रदेश में दो तरह के मौसम देखने को मिल रहे हैं। एक ओर पूर्वी और तराई क्षेत्र के कुछ जिलों में गरज-चमक, तेज हवाओं और हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है। वहीं, दूसरी ओर बुंदेलखंड, मध्य और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिकांश जिलों में तापमान तेजी से बढ़ने लगा है। मौसम विभाग ने सोमवार को 13 जिलों में तेज हवाओं और गरज-चमक की चेतावनी जारी की है, जबकि आने वाले दिनों में प्रदेशभर में अधिकतम तापमान में 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी होने का अनुमान जताया गया है।
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ भले ही प्रदेश से आगे बढ़ चुका है, लेकिन बिहार से सटे तराई क्षेत्रों और कुछ दक्षिणी जिलों में वातावरण में मौजूद नमी के कारण मौसम का असर अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। यही वजह है कि इन इलाकों में बादलों की आवाजाही, तेज हवाएं और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान समय में उत्तर प्रदेश का मौसम दो अलग-अलग स्वरूप में दिखाई दे रहा है। पूर्वांचल और तराई क्षेत्र में नमी के कारण मौसम अपेक्षाकृत नरम बना हुआ है, जबकि पश्चिमी और मध्य उत्तर प्रदेश में सूर्य की तेज किरणों ने गर्मी का असर बढ़ाना शुरू कर दिया है।
सुबह से ही तेज धूप निकलने के कारण लोगों को गर्मी का एहसास होने लगा है। दोपहर के समय सड़कों पर निकलना मुश्किल हो रहा है और आने वाले दिनों में यह स्थिति और गंभीर हो सकती है। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि प्रदेश में एक बार फिर लू जैसे हालात बनने की संभावना है।
मौसम विभाग ने सोमवार के लिए प्रदेश के 13 जिलों में विशेष चेतावनी जारी की है। इन जिलों में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ ही गरज-चमक और हल्की बारिश की भी संभावना जताई गई है।
जिन जिलों में मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है उनमें सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, गाजीपुर, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, कुशीनगर, महाराजगंज और सिद्धार्थनगर शामिल हैं। इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मौसम के अचानक बदलते मिजाज को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि तेज हवाओं के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े होने और खुले स्थानों में अनावश्यक रूप से रुकने से बचना चाहिए। किसानों को भी फसलों और कृषि उपकरणों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की सलाह दी गई है।
रविवार को प्रदेश के कई जिलों में तापमान में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। बांदा 42.4 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा। इसके अलावा उरई और प्रयागराज में 41.4 डिग्री तथा झांसी में 40.9 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले पांच दिनों में अधिकतम तापमान में 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि हो सकती है। इसका मतलब है कि कई जिलों में तापमान 44 से 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। ऐसी स्थिति में लोगों को गर्मी से बचाव के लिए विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी।
राजधानी लखनऊ में भी मौसम का मिजाज तेजी से बदलता नजर आ रहा है। रविवार को सुबह से ही तेज धूप खिली रही और दिन चढ़ने के साथ गर्मी का असर बढ़ता गया। तापमान में आई अचानक बढ़ोतरी ने लोगों को फिर से गर्मी के कठिन दिनों की याद दिला दी।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार लखनऊ का अधिकतम तापमान 3.3 डिग्री सेल्सियस बढ़कर 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान में 5.3 डिग्री सेल्सियस की उछाल के साथ यह 26.6 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। तापमान में यह बढ़ोतरी इस बात का संकेत है कि राजधानी में अब गर्मी का असर लगातार बढ़ेगा।
वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह का कहना है कि राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में अगले एक सप्ताह तक मौसम शुष्क बना रहेगा। इस दौरान बारिश की कोई विशेष संभावना नहीं है। लगातार तेज धूप और बढ़ते तापमान के कारण दिन के समय गर्मी और उमस दोनों में इजाफा होगा। उनके अनुसार पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव पूरी तरह समाप्त हो चुका है। अब प्रदेश में मौसम मुख्य रूप से स्थानीय परिस्थितियों और सूर्य के तापमान पर निर्भर करेगा। ऐसे में अगले कुछ दिनों तक गर्मी का असर लगातार बढ़ता रहेगा।
विशेषज्ञों ने बढ़ती गर्मी को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। अत्यधिक गर्मी के कारण हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और थकावट जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए।
डॉक्टरों का कहना है कि पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, हल्के कपड़े पहनना और धूप में निकलते समय सिर को ढंककर रखना जरूरी है। इसके अलावा अत्यधिक गर्मी में लंबे समय तक शारीरिक श्रम करने से भी बचना चाहिए।
मौसम के इस बदलते स्वरूप का असर किसानों पर भी पड़ सकता है। जहां कुछ जिलों में तेज हवाएं और बारिश फसलों को नुकसान पहुंचा सकती हैं, वहीं बढ़ती गर्मी सिंचाई की मांग बढ़ा सकती है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को मौसम विभाग की सलाह के अनुसार अपने खेतों और फसलों की निगरानी करने की सलाह दी है।
उत्तर प्रदेश में मौसम अब पूरी तरह गर्मी की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है। हालांकि कुछ जिलों में हल्की बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिलेगा, लेकिन प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तपिश भरे दिन लौटने वाले हैं। मौसम विभाग की चेतावनियों और पूर्वानुमानों को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने और गर्मी से बचाव के उपाय अपनाने की आवश्यकता है।
फिलहाल साफ संकेत हैं कि आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश के लोगों को एक बार फिर तेज धूप, बढ़ते तापमान और गर्म हवाओं का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में मौसम के बदलते मिजाज पर नजर बनाए रखना बेहद जरूरी होगा।