उत्तर प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ का असर मैदानी इलाकों में देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों को लेकर पूर्वानुमान जारी किया है। पश्चिमी विभोक्ष की वजह से तापमान में गिरावट देखने को मिल सकती है।
लखनऊ. उत्तर प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ का असर मैदानी इलाकों में देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों को लेकर पूर्वानुमान जारी किया है। पश्चिमी विभोक्ष की वजह से तापमान में गिरावट देखने को मिल सकती है। कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ ही आंधी बारिश के आसार हैं, जिससे तापमान में और गिरावट आएगी। स्थानीय मौसम विभाग निदेशक जेपी गुप्ता ने बताया कि दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक तापमान में और अधिक गिरावट देखी जा सकती है। बर्फीली हवाओं की वजह से बारिश हो सकती है।
यूपी में पश्चिमी विक्षोभ की वजह से तापमान में भारी गिरावट
गंगा के मैदानी इलाकों में विशेष धुंध छाई रहेगी। साथ ही कई इलाकों में बादल छाने का अनुमान है। पश्चिमी विक्षोभ की वजह से यूपी की हवा मे धूल के कण अधिक समय तक मौजूद रह सकते है। बारिश के बाद मौसम बेहद ठंडा हो जाएगा और कंपकंपी छूट सकती है। दूसरी तरफ प्रदूषण में भी इजाफा होने के आसार है। यूपी के ज्यादातर शहरों में इस समय वायु गुणवत्ता सूचकांक बहुत खराब है। जिसकी वजह से लोग एक तरफ ठंड और कोहरा को झेल ही रहे हैं, अब प्रदूषण और बारिश की भी सामना करना पड़ेगा।
बदलते मौसम में रखें ख्याल
बदलता मौसम व बढ़ता प्रदूषण जनमानस के लिए हानिकारक हो सकता है। फिजीशियन डॉ. नीरज सिंघल का कहना है कि प्रदूषण से बचाव करने के लिए घर से कम ही बाहर निकलें। अगर घर से बाहर निकल रहे हैं तो मास्क का प्रयोग जरूर करें। सांस लेने में दिक्कत हो तो रोजाना कम से कम 10 मिनट तक भाप लें। इससे नाक, आंख सुरक्षित रहेंगी। घी या अणु तेल (आयुर्वेदिक औषधि) का इस्तेमाल भी करें। वायु प्रदूषण के कारण गले में खराश या दर्द होने पर गुनगुने पानी में नमक डालकर गरारे करें।