
लखनऊ : उत्तर प्रदेश में जिला पंचायत अध्यक्षों और ब्लॉक प्रमुखों के कार्यकाल को लेकर बड़ा प्रशासनिक निर्णय जल्द सामने आ सकता है। सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार प्रदेश के जिला पंचायत अध्यक्षों और ब्लॉक प्रमुखों का कार्यकाल बढ़ाने की तैयारी में है। इस संबंध में आदेश आज जारी होने की संभावना जताई जा रही है।
मौजूदा जिला पंचायत अध्यक्षों और ब्लॉक प्रमुखों का कार्यकाल गुरुवार को समाप्त हो रहा है। ऐसे में सरकार के संभावित फैसले पर प्रदेशभर के जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक दलों की नजरें टिकी हुई हैं।
जानकारी के मुताबिक, सरकार केवल जिला पंचायत अध्यक्षों का ही नहीं, बल्कि ब्लॉक प्रमुखों का कार्यकाल भी बढ़ा सकती है। दोनों पदों को लेकर एक साथ आदेश जारी किए जाने की संभावना है। यदि ऐसा होता है तो प्रदेश के सभी जिलों और विकास खंडों में वर्तमान पदाधिकारी निर्धारित अवधि तक अपने पदों पर बने रहेंगे।
सूत्रों का कहना है कि पंचायत चुनावों की तैयारियों, आरक्षण प्रक्रिया और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए कार्यकाल विस्तार का विकल्प सरकार के विचाराधीन है। हालांकि विस्तार कितने समय के लिए होगा, इस पर अभी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में माना जा रहा है कि आगामी पंचायत चुनावों की समय-सीमा और तैयारियों को देखते हुए सरकार यह कदम उठा सकती है। हाल के दिनों में पंचायत चुनावों से जुड़ी विभिन्न प्रक्रियाओं और आरक्षण व्यवस्था को लेकर भी चर्चाएं तेज रही हैं।
ऐसे में कार्यकाल विस्तार का फैसला स्थानीय निकायों के प्रशासनिक कामकाज की निरंतरता बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
फिलहाल राज्य सरकार की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक अधिसूचना या आदेश जारी नहीं किया गया है। इसलिए कार्यकाल बढ़ाने की खबरों की अभी औपचारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सरकारी आदेश जारी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कार्यकाल कितनी अवधि के लिए बढ़ाया जाएगा और इसके तहत कौन-कौन सी शर्तें लागू होंगी।
जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख ग्रामीण विकास योजनाओं के संचालन और स्थानीय प्रशासन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में उनके कार्यकाल को लेकर लिया जाने वाला कोई भी फैसला प्रदेश की पंचायत व्यवस्था और आगामी चुनावी समीकरणों पर असर डाल सकता है।