एनसीसी को वैकल्पिक विषय के रूप में शामिल करने कोे यूपी बोर्ड ने 9 फरवरी 2021 को राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा था। शासन ने इसे वैकल्पिक विषय बनाने का आदेश दिया है।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के छात्र-छात्राओं के लिए बड़ा फैसला लिया है। जिसके मुताबिक अब छात्रों को 2022-23 शैक्षणिक सत्र से राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) पाठ्यक्रम का विकल्प मिल सकेगा। यानी कि छात्रों के पास बाकी विषयों की तरह ही एनसीसी को चुनने का भी विकल्प होगा। हालांकि बोर्ड ने पिछले साल कक्षा नौवीं और ग्यारहवीं के छात्रों के लिए एनसीसी को वैकल्पिक विषय के रूप में शुरू किया था। वहीं इससे पहले ये अतिरिक्त विषय के रूप में उपलब्ध था।
एनसीसी का अलग से प्रश्नपत्र
आपको बता दें कि पिछले साल एनसीसी में मान्यता की शर्तें तय नहीं हो पाने के कारण 11वीं के छात्र एनसीसी को वैकल्पिक विषय के रूप में नहीं ले सके थे। लेकिन 9वीं क्लास के छात्रों ने एनसीसी का विकल्प चुना था। हालांकि कुछ महीने पहले तक बोर्ड की तरफ से मान्यता की शर्तें भी तय कर दी गई थी। ऐसे में अब 11वीं के छात्र भी एनसीसी को वैकल्पिक विषय के रूप में ले सकेंगे। 2023 की बोर्ड परीक्षा में एनसीसी का अलग से प्रश्नपत्र होगा।
सेना समेत केंद्र व राज्य की विभिन्न भर्तियों में वरीयता
गौरतलब है कि एनसीसी को वैकल्पिक विषय के रूप में शामिल करने कोे यूपी बोर्ड ने 9 फरवरी 2021 को राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा था। शासन ने इसे वैकल्पिक विषय बनाने का आदेश दिया है। ऐसे में एनसीसी लेने वाले अभ्यर्थियों को सेना समेत केंद्र व राज्य की विभिन्न भर्तियों में वरीयता दी जाती है। अग्रसेन इंटर कॉलेज की एनसीसी इकाई के कैप्टन डॉ. विजयराज यादव के अनुसार, यूपी बोर्ड से वैकल्पिक विषय के रूप में एनसीसी लेने वाले छात्रों को क्या लाभ मिलेगा, इसका निर्णय अभी सरकार को लेना बाकी है।
साइंस और कॉमर्स के छात्रों को विकल्प नहीं
बता दें कि छात्र यदि एनसीसी को वैकल्पिक विषय के रूप में लेते हैं तो उनके नंबर रिजल्ट में जोड़े जाएंगे। 10वीं के छात्र हिंदी, अंग्रेजी, विज्ञान, गणित और सामाजिक विज्ञान के साथ एनसीसी वैकल्पिक विषय के रूप में ले सकते हैं। जबकि 12वीं के कला वर्ग के छात्र भी इसे वैकल्पिक विषय में ले सकेंगे। हालांकि साइंस और कॉमर्स के छात्रों को ये विकल्प नहीं मिलेगा। वहीं जो छात्र अतिरिक्त विषय में एनसीसी लेते हैं, उन्हें एनसीसी निदेशालय के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण मिलता है। प्रशिक्षण पूरा करने पर उन्हें प्रमाणपत्र मिलता है।