पीएफ घोटाले को लेकर सपा, बसपा और कांग्रेस समेत विपक्ष सरकार को घेर रहे हैं, वहीं सरकार मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश करने के साथ ही दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कह रही है
लखनऊ. उत्तर प्रदेश पॉवर कार्पोरेशन लिमिटेड के पूर्व एमडी एपी मिश्र की गिरफ्तारी के बाद अभी कुछ और अफसर आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू) के रडार पर हैं। जांच में तेजी से उन अफसरों में खासी बेचैनी है जो डीएचएलफ में निवेश की अवधि में जिम्मेदार पदों पर तैनात रहे हैं। ईओडब्ल्यू ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए डीएचएलएफ के एरिया मैनेजर को भी पूछताछ के लिए बुलाया। पीएफ गड़बड़ी में और कौन-कौन शामिल है, उसकी भी तफ्तीश की जा रही है। माना जा रहा है कि ईओडब्ल्यू की जांच के दायरे में कई और अफसर आ सकते हैं। उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड में पीएफ घोटाले के खुलासे के बाद से विभाग के अब तक तीन अफसर गिरफ्तार कर जेल भेजे जा चुके हैं। इनमें यूपीपीसीएल के पूर्व निदेशक (वित्त) सुधांशु त्रिवेदी, महाप्रबंधक लेखा एवं इम्पलाइज ट्रस्ट के तत्कालीन सचिव पीके गुप्ता और पूर्व प्रबंध निदेशक एपी मिश्रा शामिल हैं। ईओडब्यूल के विशेष न्ययायिक मजिस्ट्रेट ने तीनों आरोपितों को तीन-तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेजने का आदेश दिया है। मामले को लेकर सपा, बसपा और कांग्रेस समेत विपक्ष सरकार को घेर रहे हैं, वहीं सरकार मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश करने के साथ ही दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कह रही है।
सरकार को पाई-पाई का हिसाब देना होगा : प्रियंका गांधी
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने ट्वीट करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के बिजली विभाग के कर्मचारियों ने पीएफ घोटाले में सभी तथ्य सामने लाने की बात कही। ये मांग एकदम जायज है। चुनावों में मुझसे कई विभागों के कर्मचारियों ने नई पेंशन स्कीम के बारे में अपनी चिंता बताई थी। कांग्रेस पार्टी आपके साथ है। भाजपा सरकार को आपकी पाई-पाई का हिसाब देना होगा।
रकम के लेनदेन का खुलासा करे सरकार : अखिलेश यादव
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट करते हुए कहा कि आज सभी तरह के लेन देन आरटीजीएस के जरिए हो रहे हैं। सभी का रिकॉर्ड भी उपलब्ध है। सरकार इस बात का खुलासा करे की यूपी पॉवर कारपोरेशन लिमिटेड पीएफ ट्रस्ट से कब और कितना पैसा डीएचएफएल को ट्रांसफर किया गया है। हम सरकार को चुनौती देते हैं कि सारी रकम का खुलासा करे और बताये कब और किस किस तारीख में रकम ट्रांसफर की गयी।