
एडमिशन चार्ज और ट्यूशन फीस में भारी वृद्धि का आरोप, पढ़ाई पर असर पड़ने की आशंका (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)
School Protest Lucknow: राजधानी लखनऊ के जानकीपुरम क्षेत्र में स्थित ब्राइट वे स्कूल में फीस बढ़ोतरी को लेकर बुधवार को अभिभावकों का गुस्सा फूट पड़ा। सैकड़ों की संख्या में पहुंचे अभिभावकों ने स्कूल परिसर में जमकर विरोध प्रदर्शन किया और प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। हालात को देखते हुए मौके पर पुलिस को बुलाना पड़ा, जिसने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने नए सत्र के लिए एडमिशन चार्ज और मासिक फीस में अचानक और भारी बढ़ोतरी कर दी है। उनका कहना है कि यह बढ़ोतरी बिना किसी पूर्व सूचना के की गई, जिससे वे आर्थिक रूप से दबाव में आ गए हैं। कई अभिभावकों ने बताया कि फीस में हुई वृद्धि इतनी अधिक है कि मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए इसे वहन करना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने मांग की कि फीस बढ़ोतरी को तुरंत वापस लिया जाए या उसमें उचित कमी की जाए।
प्रदर्शन कर रहे अभिभावकों का कहना था कि बढ़ती फीस के कारण उनके सामने बच्चों की पढ़ाई जारी रखने का संकट खड़ा हो गया है। कुछ अभिभावकों ने यह भी कहा कि यदि फीस कम नहीं की गई, तो उन्हें मजबूर होकर बच्चों का नाम स्कूल से कटवाना पड़ सकता है। एक अभिभावक ने कहा, “हम अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाना चाहते हैं, लेकिन इस तरह की मनमानी फीस बढ़ोतरी से हम परेशान हैं। यह हमारे बजट से बाहर हो चुका है।”
फीस बढ़ोतरी के विरोध में अभिभावकों ने स्कूल परिसर के बाहर और अंदर जोरदार प्रदर्शन किया। कुछ समय के लिए स्थिति तनावपूर्ण हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और अभिभावकों को समझाकर शांत करने की कोशिश की। पुलिस अधिकारियों ने दोनों पक्षों से बातचीत कर मामला सुलझाने का प्रयास किया और शांति बनाए रखने की अपील की।
हालांकि स्कूल प्रबंधन की ओर से इस मामले पर आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार प्रबंधन का कहना है कि बढ़ती लागत, सुविधाओं के विस्तार और स्टाफ वेतन में वृद्धि के कारण फीस में संशोधन करना पड़ा है। प्रबंधन का यह भी दावा है कि सभी नियमों का पालन करते हुए ही फीस में बदलाव किया गया है, लेकिन अभिभावक इस तर्क से संतुष्ट नहीं हैं।
इस घटना के बाद निजी स्कूलों की फीस संरचना और उसकी पारदर्शिता को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। अभिभावकों का कहना है कि सरकार को इस दिशा में सख्त नियम बनाने चाहिए, ताकि स्कूल मनमानी फीस वसूली न कर सकें। सूत्रों का मानना है कि शिक्षा के क्षेत्र में संतुलन बनाए रखना जरूरी है, ताकि स्कूलों को सुविधाएं देने में परेशानी न हो और अभिभावकों पर भी अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े।
अभिभावकों ने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द कोई समाधान नहीं निकाला गया, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि फीस निर्धारण के लिए एक स्पष्ट और पारदर्शी नीति होनी चाहिए, जिससे सभी को राहत मिल सके।
Published on:
13 Apr 2026 03:45 pm
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