UPPCL Smart Meters: उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के सभी सरकारी कार्यालयों और भवनों में स्मार्ट मीटर लगाने का आदेश जारी किया है। यह निर्देश उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल ने दिया है। इससे सरकारी संस्थानों में बिजली की खपत पर नियंत्रण, पारदर्शिता और ऊर्जा बचत को बढ़ावा मिलेगा।
UP Govt: उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के सभी सरकारी कार्यालयों, भवनों और संस्थानों में स्मार्ट मीटर लगाने का आदेश जारी कर दिया है। यह आदेश उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल द्वारा जारी किया गया। इस निर्णय का उद्देश्य सरकारी कार्यालयों में ऊर्जा खपत की सटीक मॉनिटरिंग, बिजली की बर्बादी को रोकना और पारदर्शिता बढ़ाना है।
स्मार्ट मीटर लगाने से सरकारी संस्थानों को कई महत्वपूर्ण लाभ होंगे, जिनमें शामिल हैं:
UPPCL के अनुसार, पहले चरण में मुख्य सचिवालय, पुलिस मुख्यालय, सरकारी अस्पताल, नगर निगम, विकास प्राधिकरण, जल निगम और अन्य प्रमुख सरकारी कार्यालयों में स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। इसके बाद दूसरे चरण में सभी सरकारी स्कूल, विश्वविद्यालय, तहसील, ब्लॉक और अन्य सरकारी भवनों को कवर किया जाएगा।
सरकारी आदेश के अनुसार, सभी सरकारी भवनों में अगले छह महीनों में स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन लिमिटेड ने डिस्कॉम कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे जल्द से जल्द टेंडर प्रक्रिया पूरी करें और इंस्टॉलेशन शुरू करें।
सरकारी भवनों में स्मार्ट मीटर लगने से बिजली चोरी और अनाधिकृत खपत पर भी लगाम लगेगी। सरकार का मानना है कि पारंपरिक मीटरों के मुकाबले स्मार्ट मीटर ज्यादा सुरक्षित और आधुनिक हैं, जिससे सरकारी कार्यालयों में पारदर्शिता आएगी।
उत्तर प्रदेश सरकार पहले से ही घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए स्मार्ट मीटर योजना चला रही है। अब इस योजना को सरकारी कार्यालयों तक विस्तार दिया गया है। अभी तक लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर और मेरठ में लाखों स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं।
उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री ने इस आदेश को प्रदेश के लिए क्रांतिकारी कदम बताया है। उन्होंने कहा कि "स्मार्ट मीटर से सरकारी दफ्तरों की बिजली खपत को नियंत्रित किया जा सकेगा, जिससे बिजली बिलों में बचत होगी और सरकारी खर्चों में कटौती संभव होगी।"
रियल-टाइम डेटा ट्रैकिंग
ऑटोमेटिक रीडिंग सिस्टम
मोबाइल ऐप के जरिए बिजली खपत की निगरानी
प्रीपेड और पोस्टपेड विकल्प
बिजली कटौती और ओवरलोडिंग की सूचना
UPPCL ने सभी सरकारी कार्यालयों को निर्देश दिया है कि वे अपने भवनों का विवरण संबंधित बिजली कंपनियों को उपलब्ध कराएं ताकि जल्द से जल्द स्मार्ट मीटर इंस्टॉल किए जा सकें।
सरकार का यह कदम राज्य में बिजली सुधारों को बढ़ावा देने और पारदर्शिता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है। स्मार्ट मीटर लगने से न केवल सरकारी भवनों में बिजली की बचत होगी, बल्कि उपभोक्ताओं को भी बिजली बिलों की बेहतर निगरानी का मौका मिलेगा।