
UPPSC Lecturer Exam 2025: उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए एक बड़ा रोजगार अवसर सामने आया है। राज्य सरकार ने राजकीय इंटर कॉलेजों और विशेष विद्यालयों में प्रवक्ता एवं प्राध्यापक पदों पर सीधी भर्ती प्रक्रिया की शुरुआत कर दी है। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने कुल 1516 पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं, जिनमें पुरुष एवं महिला शाखाओं के साथ-साथ दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए विशेष विद्यालयों के पद भी शामिल हैं। आवेदन प्रक्रिया मंगलवार से शुरू हो चुकी है और इच्छुक अभ्यर्थी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि चयन प्रक्रिया के लिए न्यूनतम आयु सीमा 21 वर्ष और अधिकतम आयु सीमा 40 वर्ष निर्धारित की गई है। आयु की गणना 1 जुलाई 2025 के आधार पर की जाएगी। इसके अलावा, आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को नियमानुसार अधिकतम आयु में छूट का लाभ मिलेगा। शैक्षिक योग्यता के संबंध में, अभ्यर्थी के पास संबंधित विषय में स्नातकोत्तर (Post Graduate) डिग्री होनी आवश्यक है, साथ ही प्रशिक्षण योग्यता (B.Ed या समकक्ष) भी अपेक्षित है। विशेष विद्यालयों के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को विशेष शिक्षा से संबंधित अतिरिक्त योग्यता की जरूरत होगी।
सचिव अशोक कुमार ने बताया कि इस बार आवेदन केवल One Time Registration (OTR) प्रणाली के तहत ही स्वीकार किए जाएंगे। इसका मतलब यह है कि जिन अभ्यर्थियों ने अभी तक OTR नंबर प्राप्त नहीं किया है, उन्हें पहले आयोग की वेबसाइट पर पंजीकरण करना होगा। OTR पूरा होने के बाद ही अभ्यर्थी प्रवक्ता भर्ती के लिए अपना ऑनलाइन आवेदन भर पाएंगे। आवेदन पत्र में व्यक्तिगत विवरण, शैक्षिक योग्यता, आरक्षण श्रेणी, अनुभव आदि की सही जानकारी देनी होगी। गलत जानकारी पाए जाने पर आवेदन निरस्त किया जा सकता है।
आयोग ने अभी विस्तृत परीक्षा कार्यक्रम जारी नहीं किया है, लेकिन संभावना है कि भर्ती प्रक्रिया में लिखित परीक्षा और साक्षात्कार दोनों होंगे। लिखित परीक्षा वस्तुनिष्ठ (Objective) प्रकार की हो सकती है, जिसमें विषय-विशेष ज्ञान, सामान्य अध्ययन, शिक्षण पद्धति और वर्तमान घटनाओं से संबंधित प्रश्न पूछे जाएंगे। चयन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आयोग डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली और सख्त निगरानी व्यवस्था लागू करेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह भर्ती अभियान लंबे समय से खाली पड़े प्रवक्ता पदों को भरकर राज्य की शिक्षा व्यवस्था को मजबूती देगा। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के इंटर कॉलेजों में शिक्षक न होने से विद्यार्थियों की पढ़ाई पर नकारात्मक असर पड़ रहा था। विशेष विद्यालयों में दृष्टिबाधित बच्चों के लिए प्रवक्ताओं की नियुक्ति से समावेशी शिक्षा को भी बढ़ावा मिलेगा। वहीं, जेल प्रशिक्षण विद्यालय में प्राध्यापकों की नियुक्ति से कारागार कर्मियों के प्रशिक्षण की गुणवत्ता बढ़ने की उम्मीद है।
पिछले वर्षों में भी UPPSC द्वारा प्रवक्ता भर्ती आयोजित की जाती रही है, लेकिन बड़ी संख्या में पद खाली रहने के कारण शिक्षा विभाग को लगातार आलोचना झेलनी पड़ी। इस बार आयोग ने भर्ती प्रक्रिया को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने का आश्वासन दिया है।
घोषणा के बाद से ही अभ्यर्थियों में उत्साह का माहौल है। लखनऊ के एक अभ्यर्थी ने बताया कि "हम लंबे समय से इस भर्ती का इंतजार कर रहे थे। अब समय है कि हम पूरी तैयारी के साथ परीक्षा में उतरें।" कई कोचिंग संस्थानों ने भी प्रवक्ता भर्ती की तैयारी के लिए विशेष बैच शुरू करने की घोषणा की है।