अगर आपके बेडरूम में वास्तु दोष है तो आपके जीवन में नकारात्मक ऊर्जा आने लगती है। जिससे दिक्कतें होने लगती हैं। हम बात करेंगे बेडरूम के वास्तु की तो आइए जानते हैं वास्तु के अनुसार घर का शयनकक्ष यानी बेडरूम कैसा होना चाहिए। वास्तु शास्त्र के अनुसार, बेडरूम से संबंधित कुछ बातों का ध्यान रखकर घर में पॉजिटिव एनर्जी आ सकती है।
Vastu Tips: लखनऊ के डॉ राजेश जो पेशे से तो डॉक्टर हैं लेकिन इसी के साथ ही वो वास्तु विशेषज्ञ भी हैं। उनके मुताबिक वास्तु का हमारे रोजमर्रा के जीवन पर बेहद प्रभाव पड़ता है। उनका कहना है कि उनके पास बहुत से लोग वास्तु समस्या लेकर आते हैं जिनका वे समाधान बताते हैं और उनके जीवन से धीरे-धीरे दिक्कतें दूर होने लगती है। उन्होंने बताया कि उत्तर, दक्षिण, पूरब और पश्चिम ये चार मूल दिशाएं हैं। वास्तु विज्ञान में इन चार दिशाओं के अलावा 4 विदिशाएं हैं। आकाश और पाताल को भी इसमें दिशा स्वरूप शामिल किया गया है। इस प्रकार चार दिशा, चार विदिशा और आकाश पाताल को जोड़कर इस विज्ञान में दिशाओं की संख्या कुल दस माना गया है। इन दशों दिशाओं के आधार पर घर के वास्तु का निर्धारण किया जाता है।
डॉ राजेश ने बताया कि अगर आपके बेडरूम में वास्तु दोष है तो आपके जीवन में नकारात्मक ऊर्जा आने लगती है। जिससे दिक्कतें होने लगती हैं। हम बात करेंगे बेडरूम के वास्तु की तो आइए जानते हैं वास्तु के अनुसार घर का शयनकक्ष यानी बेडरूम कैसा होना चाहिए।
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उन्होंने बताया कि घर के बेडरूम में यदि वास्तु दोष हो तो नकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न होती है। इस वजह से दाम्पत्य जीवन में कलह-क्लेश, आर्थिक संकट और खासकर सेहत संबंधी परेशानियों आ सकती हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार, बेडरूम से संबंधित कुछ बातों का ध्यान रखकर घर में पॉजिटिव एनर्जी आ सकती है। मास्टर बेडरूम जिसमें घर का मुखिया सोता है, वो नैऋत्य कोण यानि दक्षिण- पश्चिम के कोना में होना चाहिए।
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इन बातों का भी रखें ध्यान