Vegetable Price Hike: उत्तर प्रदेश में बारिश का सिलसिला जारी है। इसका सीधा असर सब्जियों के दाम पर भी पड़ा है।
Vegetable Price Hike: राजधानी में पिछले 10 सालों में सब्जियों के दाम तीन गुना तक बढ़ गए हैं। सब्जियों का राजा आलू आसमान छूते दामों के साथ आम लोगों को आंखें दिखा रहा है। प्याज, टमाटर, भिंडी और लौकी के दामों में भी जबरदस्त उछाल आया है। इससे आम आदमी का बजट बिगड़ गया है।
फतेहगंज, आलमबाग और नरही के फुटकर बाजार में वर्ष 2014 में आलू 10-15 रुपए किलो भाव था, लेकिन आज 35-40 रुपए किलो बिक रहा है। वहीं 20-25 रुपए किलो बिकने वाला प्याज 45-55 रुपए किलो बिक रहा है। टमाटर के भाव 50-60 रुपए किलो है, जबकि 10 साल पहले 20-30 रुपए बिकता है। दुबग्गा फल एवं सब्जी व्यापारी समिति के महामंत्री शाहनवाज हुसैन ने बताया कि 10 साल पहले सर्वाधिक टमाटर नासिक मंडी से हाइब्रिड टमाटर आता था, जिसकी कीमत फुटकर में 25-30 रुपए थी। अब लखनऊ में बेंगलुरु से देशी टमाटर आ रहा है, जिसकी कीमत 50-60 रुपए किलो है। यदि दाम बढ़ने लगते हैं तो नासिक मंडी से टमाटर की आवक बढ़ जाती है।
भारतीय किसान एवं आढ़ती वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष नजमुद्दीन राईनी ने बताया कि सब्जियों के उत्पादन और दाम पर जलवायु परिवर्तन का भी बहुत असर पड़ रहा है। अत्यधिक गर्मी और बारिश की वजह से प्रभाव पड़ता है। हालांकि सब्जियों के दाम बढ़ने का पूरा लाभ किसानों को नहीं मिल रहा है। इसका मतलब है कि अभी भी जो बीच में लोग काम रहे हैं, वे भी रोल प्ले कर रहे हैं। हालांकि केंद्र सरकार सब्जियों के दाम बढ़ने पर कई स्तर पर कदम उठाती है।
सब्जी 2014 2024
आलू 10-20 35-40
प्याज 20-25 45-55
टमाटर 25-30 50-60
लौकी 20 40
तोराई 20-30 40
भिंडी 20-30 50-60
कद्दू 25 30-40