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‘केजीएमयू में धर्मांतरण और लव जिहाद जैसा सिंडिकेट चल रहा, VC दे रहे इसका संरक्षण’

KGMU Controversy : उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने केजीएमयू प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। एक सीनियर डॉक्टर के साथ जूनियर डॉक्टर गलत बर्ताव करता है, इसका संरक्षण वाइस चांसलर तथा केजीएमयू के कुछ लोग कर रहे हैं।
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लखनऊ

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Avaneesh Kumar Mishra

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Updated: 9 Jan 2026, 10:11 PM IST

अपर्णा यादव ने KGMU के VC को घेरा, PC- IANS

लखनऊ : उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने केजीएमयू प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया है कि केजीएमयू में धर्मांतरण और लव जिहाद जैसा सिंडिकेट चल रहा है।

यह बयान उस समय आया है, जब केजीएमयू परिसर में जमकर हंगामा हुआ। अपर्णा यादव का कहना है कि उन्होंने प्रशासन को पहले ही सूचना दी थी कि वे मिलने आ रही हैं, लेकिन उन्हें करीब 20 मिनट तक इंतजार कराया गया। दूसरी ओर, केजीएमयू प्रशासन ने कहा है कि उन्हें किसी भी तरह की कोई सूचना नहीं मिली थी।

लखनऊ में आईएएनएस से बातचीत में अपर्णा यादव ने कहा कि मैं मिलने के लिए गई थी, लेकिन मुझे अजीब तरीके से लगभग 20 मिनट तक बाहर इंतजार कराया गया। मेरे आने की सूचना पहले ही दे दी गई थी। मैं एक संवैधानिक पद पर हूं, फिर भी मुझसे मिलने के लिए 20 मिनट का इंतजार क्यों कराया गया? यहां तक कि दरवाजा बंद कर लिया गया।

बिना अनुमति के चलाया जा रहा ब्लड बैंक

उन्होंने कहा कि केजीएमयू को ज्ञान का मंदिर होना चाहिए, शिक्षा और स्वास्थ्य की पवित्र जगह होनी चाहिए, वहां अब धर्म परिवर्तन और लव जिहाद जैसे मामले सामने आ रहे हैं। वहां से लगातार ऐसे केस आ रहे हैं। एक सीनियर डॉक्टर के साथ जूनियर डॉक्टर गलत बर्ताव करता है, इसका संरक्षण वाइस चांसलर तथा केजीएमयू के कुछ लोग कर रहे हैं। दो साल तक बिना अनुमति के ब्लड बैंक चलाया जा रहा है। यह केंद्र और राज्य सरकार की आंखों में धूल झोंकने जैसा है। यह कौन सा कानून का पालन है? वहां लव जिहाद और धर्मांतरण का सिंडिकेट चल रहा है।

'लड़कियों को धमकाया जा रहा'

उन्होंने केजीएमयू की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर कहा कि आपके पास प्रेस कॉन्फ्रेंस करने का समय था, लेकिन मुझसे मिलने का समय नहीं था। मुझे 20 मिनट तक इंतजार कराया गया। उन्होंने कार्यरत कुछ स्टाफ का जिक्र करते हुए कहा कि लड़कियों को धमकाया जा रहा है कि अगर वे महिला आयोग तक अपनी बात पहुंचाती हैं तो उन्हें नौकरी से निकलवा दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि केजीएमयू लखनऊ का सबसे प्रतिष्ठित अस्पताल है, जो पूरे उत्तर प्रदेश की सेवा करता है। इसकी प्रतिष्ठा को भंग करने का काम किया जा रहा है। अपर्णा यादव ने केजीएमयू में हुई घटना के बारे में स्पष्ट करते हुए कहा कि मेरे मन में किसी के प्रति कोई दुर्भावना नहीं है। लेकिन, सवाल केजीएमयू पर है, वे मुझ पर आरोप लगा रहे हैं।