
Aradhana Mishra:उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा 'मोना' ने वोट चोरी के मुद्दे को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यह अब सिर्फ कांग्रेस या किसी एक पार्टी का मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि संविधान में विश्वास रखने वाले देश के हर व्यक्ति के लिए चिंता का विषय है। आराधना मिश्रा ने कहा कि निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए जिम्मेदार चुनाव आयोग अपनी विश्वसनीयता पूरी तरह खो चुका है। उन्होंने चुनाव आयोग के दो वरिष्ठ सदस्यों द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर लगाए गए गंभीर आरोपों का भी जिक्र किया।
उन्होंने बताया कि राहुल गांधी ने सभी नेताओं को एकजुट किया है और कांग्रेस हर नागरिक के एक-एक वोट की रक्षा का संकल्प लेकर आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने आजादी के आंदोलन में देश की स्वतंत्रता के लिए लड़ाई लड़ी थी और अब राहुल गांधी के नेतृत्व में लोकतंत्र व संविधान की रक्षा के लिए लड़ेगी।
कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा ने कहा कि संगठन में किसी पद से ज्यादा संगठन महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि कल कोई और अध्यक्ष था, आज वह इस जिम्मेदारी पर हैं और आने वाले समय में कोई और अध्यक्ष होगा। सभी कांग्रेस के ईमानदार और मजबूत सिपाही हैं और उनका लक्ष्य भी एक ही है। आराधना मिश्रा ने कहा कि इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए सभी मिलकर कांग्रेस को मजबूत करेंगे और साल 2027 में गठबंधन की सरकार बनाएंगे। उन्होंने कहा कि यही लक्ष्य है और यही राहुल गांधी की सभी से अपेक्षा है।
आराधना मिश्रा ने समाजवादी पार्टी के नेताओं के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें कहा गया था कि INDIA गठबंधन सिर्फ राष्ट्रीय स्तर पर है, राज्यों में नहीं। उन्होंने कहा कि INDIA गठबंधन राष्ट्रीय स्तर पर बनाया गया था और गठबंधन के सभी वरिष्ठ नेता राष्ट्रीय नेतृत्व का हिस्सा हैं। वही नेतृत्व तय करेगा कि गठबंधन कब, कैसे और किन शर्तों पर बनाया जाएगा।
आराधना मिश्रा ने कहा कि INDIA गठबंधन कल भी मजबूत था और आज भी मजबूत है। इसका असर 2024 के चुनाव में देखने को मिला। उन्होंने कहा कि अगर कहीं भाजपा का 'अहंकार का रथ' रुका था तो उत्तर प्रदेश में रुका था और इसे गठबंधन ने रोका था।
असदुद्दीन ओवैसी के इस बयान पर कि उत्तर प्रदेश में मुसलमानों की तरक्की के लिए किसी राजनीतिक दल ने काम नहीं किया, आराधना मिश्रा ने कांग्रेस का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि वोट बैंक की राजनीति उनके लिए हो सकती है, लेकिन कांग्रेस ने कभी इस तरह की राजनीति नहीं की।उन्होंने कहा कि आजादी के आंदोलन से लेकर अब तक कांग्रेस ने हर जाति और हर समुदाय को साथ लेकर चलने का काम किया है। इसके चलते पार्टी को नुकसान भी उठाना पड़ा, लेकिन कांग्रेस ने कभी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया और आगे भी ऐसा नहीं करेगी।