5 अक्टूबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

UP चुनाव में सीट बंटवारे पर सपा प्रवक्ता अब्बास हैदर बोले- जिस उम्मीदवार के जीतने की सबसे ज्यादा संभावना होगी, उसी को मिलेगा टिकट

UP Politics News : SP प्रवक्ता अब्बास हैदर ने UP में सीट बंटवारे को लेकर कहा कि फैसला जीत की संभावना के आधार पर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस उम्मीदवार की जीत की संभावना सबसे ज्यादा होगी, उसे टिकट दिया जाएगा।
2 min read
Google source verification

लखनऊ

•

image

Ankit Sai

•

Oct 05, 2026

UP News

SP प्रवक्ता अब्बास हैदर (IANS Photo)

UP Election 2027:उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले SP और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे को लेकर चर्चा तेज है। इसी बीच SP प्रवक्ता अब्बास हैदर ने कहा है कि सीटों की संख्या से ज्यादा जरूरी किसी सीट पर जीत की संभावना है। उन्होंने कहा कि जिस पार्टी की किसी खास सीट पर जनता तक पहुंच और जीत की संभावना ज्यादा होगी, उसे वहां टिकट मिलना चाहिए। अब्बास हैदर ने कहा कि किस पार्टी को कौन सी सीट मिलेगी, इसका अंतिम फैसला दोनों दलों का शीर्ष नेतृत्व करेगा। उन्होंने नेताओं के अलग-अलग बयानों के बजाय नेतृत्व के फैसले का इंतजार करने की बात कही।

शीर्ष नेतृत्व तय करेगा सीटों का बंटवारा

कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि यह बिल्कुल स्पष्ट है कि हमारी शीर्ष नेतृत्व ही तय करेगा कि प्रत्येक पार्टी कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी। राहुल गांधी, अखिलेश यादव और मल्लिकार्जुन खरगे मिलकर यह फैसला करेंगे। और हम सभी मिलकर सभी 403 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। उम्मीदवार चाहे किसी भी चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़े, दूसरी पार्टी उस उम्मीदवार को मैदान में उतारने और गठबंधन की जीत सुनिश्चित करने के लिए काम करेगी।

आरक्षित सीटों पर भी कांग्रेस की नजर

कांग्रेस की रणनीति में यूपी की आरक्षित विधानसभा सीटें भी शामिल हैं। प्रदेश में कुल 86 आरक्षित सीटें हैं। इनमें 84 सीटें अनुसूचित जाति और दो सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं। साल 2022 के विधानसभा चुनाव में SP अपने सिंबल पर इन आरक्षित सीटों में से 16 सीटें जीत सकी थी। वहीं, भाजपा के नेतृत्व वाले NDA ने 65 सीटों पर जीत दर्ज की थी। 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार 77 आरक्षित सीटों पर विजयी हुए थे। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस के रणनीतिकारों को लगता है कि पिछले लोकसभा चुनाव के बाद दलितों के एक बड़े हिस्से का रुझान उसकी ओर बढ़ा है। इसी आधार पर पार्टी इन आरक्षित सीटों पर भी अपनी संभावनाएं तलाश रही है।

JDU ने बैठक को लेकर उठाए सवाल

वहीं, उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर SP और कांग्रेस के बीच मतभेदों पर JDU महासचिव श्याम राजक ने दोनों दलों की बैठकों पर सवाल उठाया। उन्होंने बिहार विधानसभा चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी बैठकें हुई थीं, लेकिन बाद में अलग-अलग उम्मीदवारों के नाम सामने आए। श्याम राजक ने कहा कि देखिए, ये लोग बहुत सारी बैठकें करते हैं, लेकिन चुनाव होने पर उन बैठकों का कोई असर नहीं दिखता। बिहार विधानसभा चुनाव इसका एक स्पष्ट उदाहरण है, जहां एक दिन बैठक हुई और अगले दिन सभी ने अपने-अपने उम्मीदवार की घोषणा कर दी।