Weather Updates जनवरी में जमकर बारिश हुई और 3-5 फरवरी में भी यूपी के कई जिलों में झमाझम बारिश की संभावना है। मौसम विभाग का कहना है कि यूपी के कई क्षेत्रों में तीन दिन बारिश होगी और उसके बाद ठंड और बढ़ जाएगी। फरवरी में पछुआ का प्रवाह लगातार रहने का पूर्वानुमान है।
मौसम लगातार बदल रहा है। यूपी में गलन, कड़ाके की ठंड और शीतलहर का कहर जारी है। और मौसम विभाग के अनुसार अभी करीब 15 दिन यूपी को ठंड से राहत नहीं मिलने वाली है। जनवरी में जमकर बारिश हुई और 3-5 फरवरी में भी यूपी के कई जिलों में झमाझम बारिश की संभावना है। मौसम विभाग का कहना है कि यूपी के कई क्षेत्रों में तीन दिन बारिश होगी और उसके बाद ठंड और बढ़ जाएगी। फरवरी में पछुआ का प्रवाह लगातार रहने का पूर्वानुमान है। अगर लखनऊ की बात करें तो बुधवार सुबह घना कोहरा छाया हुआ था। पर जैसे जैसे दिन चढ़ने लगा वैसे-वैसे धूप निकल आई। जनता राहत की सांस ली। पर धूप के बावजूद ठंड अपने शबाव पर थी। शाम से गलन बढ़ गई है और ठंडी हवाएं मौसम को और सर्द बना रही हैं।
जमकर होगी बारिश और फिर कड़ाके की ठंड
भारत मौसम विज्ञान विभाग के मासिक अनुमान के अनुसार, उत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में सामान्य या सामान्य से कम बारिश हो सकती है। यूपी में गुरुवार से बारिश का दौर शुरू हो जाएगा। पूर्व और पश्चिम के कई जिले इसकी चपेट में रहेंगे। यूपी में बुधवार को कई जिलों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) बहुत खराब रहा है। गाजियाबाद में 356, ग्रेटर नोएडा में 216, नोएडा में एक्यूआई 327 रहा। मौसम विज्ञानियों का अलर्ट है कि, यूपी के कई जिलों दिन में भी हल्का कोहरा छाए रहेगा। और अधिकतम तापमान के 21 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान व्यक्त किया है।
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मौसम विभाग के अलर्ट से यूपी चिंतित
उत्तर प्रदेश में ठंड के कम होने की आस में बैठे लोगों को मौसम विभाग के अलर्ट ने चिंता में डाल दिया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक आने वाले दिनों में ठंड के कम होने के आसार नहीं हैं। फरवरी महीने में बारिश और कोहरे से निजात मिलने की कम संभावना है। अगले 48 घंटे तक कई जगहों पर घना कोहरा रहेगा। अगले 48 घंटों में शीत लहर जैसी स्थिति रहेगी। राजधानी लखनऊ में बुधवार को न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मॉनसून की बारिश पर होगा असर, नया अलर्ट
पुणे स्थित भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान के शोधकर्ताओं ने एक अध्ययन के जरिए येह बताया है कि, हिंद महासागर में ‘समुद्री हीटवेव' तेजी से बढ़ रही हैं और इससे भारत में मॉनसून की बारिश पर असर पड़ेगा।