Aparna Yadav: भाजपा नेता और मुलायम परिवार की बहु अपर्णा यादव का तलान होने जा रहा है। पति प्रतीक यादव ने इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए यह जानकारी दी।
Who is Aparna Yadav: भाजपा नेता और मुलायम परिवार की बहु अपर्णा यादव का तलाक होने जा रहा है। पति प्रतीक यादव इंस्टाग्राप पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी है। पति ने अपर्णा की फोटो शेयर करते हुए लिखा कि मैं इस मतलबी औरत को जल्द से जल्द तलाक देने जा रहा हूँ। उसने मेरे परिवार के रिश्ते खराब कर दिए। वह बस मशहूर और असरदार बनना चाहती है। अभी, मेरी मेंटल हेल्थ बहुत खराब है और उसे कोई फर्क नहीं पड़ता। क्योंकि उसे सिर्फ़ अपनी ही चिंता है। मैंने इतनी बुरी औरत कभी नहीं देखी, और मैं बदकिस्मत था कि मेरी शादी उससे हुई। प्रतीक की इंस्टाग्राम पोस्ट के बाद परिवार के सदस्य फोन नहीं उठा रहे हैं। हालांकि, इस मामले में अपर्णा के भाई कुछ मीडिया हाउस से फोन पर बातचीत करते हुए कहा कि ‘प्रतीक का अकाउंट हैक हुआ है। ये पोस्ट उन्होंने खुद नहीं किया है। वह पूरे मामले में जल्द बयान जारी करेंगे।
अपर्णा यादव, मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू और भाजपा नेता, उत्तर प्रदेश की प्रमुख राजनीतिक हस्तियों में से एक हैं। उनका जन्म अपर्णा बिष्ट के रूप में हुआ था और वे एक वरिष्ठ पत्रकार अरविंद सिंह बिष्ट की बेटी हैं। उन्होंने लखनऊ के लोरेटो कॉन्वेंट स्कूल से शिक्षा प्राप्त की और यूनिवर्सिटी ऑफ मैनचेस्टर, यूके से इंटरनेशनल रिलेशंस एंड पॉलिटिक्स में मास्टर्स किया। क्लासिकल और सेमी-क्लासिकल गायन में प्रशिक्षित अपर्णा सामाजिक कार्यकर्ता भी हैं, जो महिलाओं के सशक्तिकरण और एनजीओ के माध्यम से सक्रिय रहीं।
उनकी शादी प्रतीक यादव से 4 दिसंबर 2011 को हुई थी। प्रतीक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे और अखिलेश यादव के सौतेले भाई हैं। यह शादी सैफई में धूमधाम से संपन्न हुई, जो यूपी की हाई-प्रोफाइल शादियों में गिनी जाती है। दोनों की मुलाकात हाईस्कूल के समय हुई थी और यह एक लव स्टोरी के रूप में शुरू हुई। दोनों की एक भी बेटी है।
राजनीतिक सफर में अपर्णा ने 2017 में सपा से लखनऊ कैंट सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन भाजपा की रीता बहुगुणा जोशी से हार गईं। 19 जनवरी 2022 को उन्होंने भाजपा जॉइन की। सपा में रहते हुए उन्हें अक्सर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ की प्रशंसा करते हुए देखा गया है। वर्तमान में वे उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष हैं और सामाजिक कार्यों में सक्रिय हैं। उनका पार्टी बदलाव यादव परिवार में चर्चा का विषय रहा। वहीं प्रतीक यादव के इस फैसले का असर अपर्णा के राजनितीक जीवन में भी देखने को मिलेगा।